सर्वोच्च कैथोलिक धर्मगुरु पोप बेनेडिक्ट 16वें ने ईरान के अधिकारियों से मुलाकात की और हिंसा को जायज ठहराने के लिए धर्म के इस्तेमाल की निंदा की। ईरान के अंतर-धार्मिक संवाद केन्द्र एवं इस्लामिक संस्कृति एवं संबंध संगठन के आठ अधिकारियों ने पोप से भेंट की।
सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के अधिकारियों ने इस्लाम एवं ईसाइयत की आस्था एवं कारणों पर चर्चा की तथा माना कि दोनों मजहब अहिंसा के प्रवर्तक हैं।
एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि किसी भी कारण या मजहब का हिंसा के लिए इस्तेमाल नहीं हो सकता है। दुर्भाग्य से दोनों ने कई बार हिंसा को भड़काने में मजहब का सहारा लिया है। उन्होंने दोनों महान धर्मों के बीच सहिष्णुता और सहयोग बढा़ने तथा आध्यात्मिकता को बढ़ावा देने की आवश्यकता व्यक्त की।
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