ओसामा बिन लादेन के बेटे को अपनी नव-विवाहिता पत्नी के साथ रहने के लिए ब्रिटेन में प्रवेश करने की अनुमति नहीं मिल पाई है। ब्रिटेन ने यह कहते हुए उसे प्रवेश की इजाजत देने से इनकार कर दिया है कि इससे बड़े पैमाने पर जनता चिंता में पड़ जाएगी।
ब्रिटिश वीजा अधिकारियों ने उमर ओसामा बिन लादेन को बताया कि उनके पास इस बात के सबूत हैं कि वह अभी भी अपने पिता के प्रति वफादार है, जिसे सात जुलाई को लंदन में हुए बम विस्फोटों के लिए जिम्मेदार माना जाता है। 27 वर्षीय उमर वीजा से इनकार किए जाने के खिलाफ अपील कर रहा है। उसका कहना है कि उसके पिता तथा मीडिया में उसके मजहब के खिलाफ गलत रिपोर्टो के आधार पर उसे ब्रिटेन में प्रवेश से प्रतिबंधित करना गलत है।
'द टाइम्स' ने यह रिपोर्ट प्रकाशित की है। उमर चेशायर में अपनी ब्रिटिश पत्नी जैना अलसबाह बिन लादेन (52) के साथ रहना चाहता है जिसे पूर्व में जेनी फेलिक्स ब्रॉउन के नाम से जाना जाता था। छुट्टियों में पनपे रोमांस के बाद उमर तथा जैना ने पिछले वर्ष सउदी अरब में निकाह किया था लेकिन अभी यह जोड़ा मिस्र में रह रहा है और उमर का वीजा लगने का इंतजार कर रहा है।
बताया जाता है कि उसके वीजा आवेदन को काहिरा में ब्रिटिश दूतावास के एक अधिकारी ने नामंजूर कर दिया है। दूतावास ने कहा है कि यह फैसला इस आधार पर लिया गया है कि आवेदनकर्ता को ब्रिटेन से बाहर रखना ही जनता के हित में है।
आवेदनकर्ता के चरित्र, आचार तथा उसके संबंध उसे प्रवेश की अनुमति देने के लिए वांछनीय नहीं हैं। अधिकारी के हवाले से दैनिक ने लिखा है कि हालिया मीडिया साक्षात्कारो में दिए गए बयान से मैंने नोट किया है कि आपकी अपने पिता के प्रति वफादारी जारी है और ब्रिटेन में आपकी मौजूदगी व्यापक जन चिंता का विषय हो सकती है। इस जोड़े ने इस फैसले के खिलाफ आव्रजन न्यायाधीश के पास अपील दाखिल की है और इस फैसले को अनुचित तथा मनमाना करार दिया है। उनका कहना है कि ऐसा कोई सबूत नहीं है कि ब्रिटेन में उमर की मौजूदगी सुरक्षा खतरा पैदा करेगी।
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