अपने पूर्व धर्मगुरू जेरेमिया राइट की टिप्पणी से खुद को अलग करते हुए राष्ट्रपति पद के संभावित उम्मीदवारों की दौड़ में शामिल डेमोकेटिक सीनेटर बराक ओबामा ने इन टिप्पणियों को न केवल विघटनकारी और विनाशकारी, बल्कि नफरत फैलाने वालों का हाथ मजबूत करने वाला करार दिया है।
ओबामा ने उत्तरी कैरोलिना के विंस्टन सलेम में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जिस आदमी को कल मैंने देखा वो वह नहीं था, जिससे मैं 20 साल पहले मिला था।
उनकी टिप्पणी न केवल विघटनकारी है बल्कि विनाशकारी भी है, लेकिन मेरा मानना है कि इन टिप्पणियों से केवल उन्हीं लोगों को राहत मिली होगी, जो नफरत फैलाते हैं और मेरा विश्वास है कि ये टिप्पणियाँ अश्वेत चर्च की अवधारणा को सही मायनों में पेश नहीं करती हैं। ओबामा पेनसिलवेनिया में प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन से प्राइमरी में हार चुके हैं और इस समय इंडियाना तथा उत्तरी कैरोलिना में श्वेत कामकाजी वर्ग के मतदाताओं का दिल जीतने में लगे हैं। इन दोनों जगहों पर अगले मंगलवार को प्राइमरी होंगी।
इलिनोइस के सीनेटर ने परोक्ष रूप से यह महसूस किया है कि उनके पास उस व्यक्ति से औपचारिक रूप से अपने संबंध समाप्त करने के सिवाय कोई विकल्प नहीं है, जिसने प्रवचन मंच से यह कहा कि अमेरिकी सरकार ने अश्वेतों को नुकसान पहुँचाने के लिए एड्स विषाणु पैदा किया।
धर्मगुरू ने यह भी कहा कि अफ्रीकी अमेरिकियों के दमन के लिए अमेरिकी सरकार की आलोचना की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि अमेरिका ने विदेशों में अपनी खुद की आतंकी रणनीति के जरिए 11 सितंबर 2001 के हमलों को आमंत्रित किया।
हालाँकि राजनीतिक विश्लेषक इस बात को लेकर बंटे हुए नजर आ रहे हैं कि धर्मगुरू राइट से खुद को पूरी तरह अलग करने से ओबामा के प्रचार अभियान पर कैसा असर पड़ेगा।
कुछ ने तर्क दिया है कि राइट की टिप्पणी का जवाब देकर ओबामा ने अपने लिए मुसीबत खड़ी कर ली है, जबकि कुछ अन्य का मानना है कि इससे उत्तर कैरोलिना में कंजरवेटिव अश्वेत आबादी को राहत मिलेगी।
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