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पाक की गठबंधन सरकार पर संकट
न्यायाधीशों की बहाली पर पीएमएलएन का रुख कठोर
पाकिस्तान की करीब एक माह पुरानी गठबंधन सरकार मंगलवार को उस समय पहली बार जबरदस्त संकट में फँस गई जब राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ द्वारा बरखास्त किए गए न्यायाधीशों को बहाल करने के मुद्दे पर चल रही बातचीत में गतिरोध उत्पन्न हो गया। इसके बाद पीएमएलएन प्रमुख नवाज शरीफ ने मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों को सरकार से हटाने की धमकी दी।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सह-अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी और पीएमएलएन अध्यक्ष शाहबाज शरीफ की अगुवाई में दो दिन से चल रही बातचीत बिना किसी नतीजे के आज समाप्त हो गई। दोनों पक्ष न्यायाधीशों को बहाल करने के स्वरूप को अंतिम रूप देने में विफल रहे। गौरतलब है कि न्यायाधीशों को बहाल करने के लिए निर्धारित की गई समय सीमा बुधवार को समाप्त हो रही है।

पीएमएलएन ने जरदारी के साथ मंत्रणा के लिए पार्टी का एक दल दुबई भेजा था। जरदारी इन दिनों अपने परिवार से मिलने के लिए दुबई में हैं।

सूत्रों ने बताया कि बातचीत में दो मुद्दों को लेकर गतिरोध उत्पन्न हो गया। पहला मुद्दा था न्यायाधीशों की बहाली को न्यायिक सुधार के लिए संवैधानिक पैकेज से जोड़ने का पीपीपी का फैसला और दूसरा मुद्दा था कि अगर बर्खास्त प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति इफ्तिखार मोहम्मद चौधरी को बहाल किया जाता है तो उनका कार्यकाल क्या होगा।

पीएमएलएन प्रवक्ता सिद्‍दीक उल फारूख ने स्वीकार किया कि बातचीत में बाधा उत्पन्न हो गई है। उन्होंने धमकी दी कि अगर न्यायाधीशों को बहाल करने के मामले में समय सीमा का पालन नहीं किया जाता तो उनकी पार्टी मंत्रिमंडल से अपने मंत्रियों को हटा लेगी।
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