ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मारग्रेट थैचर तत्कालीन इंडियन सिविल सिर्विस से जुड़कर देश की सेवा करना चाहती थीं। 'आयरन लेडी' के नाम से मशहूर थैचर ने 1985 में यॉर्कशायर टेलीविजन पर एक साक्षात्कार में कहा था कि मेरी बचपन से ही यह ख्वाहिश थी।
मारग्रेट थैचर फांउडेशन द्वारा जारी नए दस्तावेजों में थैचर के हवाले से बताया गया है मैं इंडियन सिविल सिर्विस से जुड़ना चाहती थी क्योंकि हमारा सिविल सर्विसेज दुनिया में बेहतरीन था।
उन्होंने कहा हमें ऐसी परवरिश मिली है, जिसमें बताया गया कि ब्रिटेन दुनिया में सर्वश्रेष्ठ है क्योंकि इसके ईमानदारी निष्ठा तथा कानूनी मापदंड हैं। यह दुनिया में सर्वश्रेष्ठ है और इंडियन सिविल सर्विस हमारी सिविल सर्विस का हिस्सा थी और वह दुनिया में सबसे अच्छी मानी जाती थी। और इंडियन सिविल सर्विस का काम भारतीयों के लिए काम करना तथा उनकी मदद करना था।
थैचर ने साक्षात्कारकर्ता को बताया कि 'मुझे लगता है डैडी यदि मैं यूनिवर्सिटी में दाखिला पाने में कामयाब रही जो कि उस समय बहुत बड़ी बात थी तो मैं इंडियन सिविल सर्विस में जाना चाहूँगी'।
वह कहती हैं मुझे अपने पिता की कही बात याद है। यह विश्व युद्ध से पहले की बात है। ऐसा मत सोचो कि जब तक तुम बड़ी होओगी ऐसा कुछ रहेगा। थैचर हालाँकि आईसीएस में नहीं जा पाई, लेकिन 1979 में ब्रिटेन की प्रधानमंत्री जरूर बनीं और 1990 तक इस पद पर रहीं।
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