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वह अपनी ही बेटी से बलात्कार करता रहा...
इंसानियत हुई शर्मसार, 24 साल तक बेटी को बनाया बंधक
यूरोपीय देश ऑस्ट्रिया की पुलिस ने एक 73 साल के व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जिस पर अपनी ही बेटी को 24 साल तक तहखाने में छिपाकर रखकर उससे बलात्कार करने का आरोप है। इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली इस घटना में यह भी खुलासा हुआ है कि इस बाप की करतूत से 7 बच्चों ने जन्म लिया।

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ऑस्ट्रिया के सुरक्षा अधिकारी फ्रेंच पाउचर ने संवाददाताओं को इसशर्मनाक घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह एक दिल दहलाने वाला अपराध है, आस्ट्रिया में इसके जैसा अपराध संज्ञान में नहीं आया है। पेशे से इलेक्ट्रॉ‍‍निक इंजीनियर इस अभियुक्त जोसेफ ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।

जोसेफ ने अब से 24 साल पहले 1984 में अपनी ही बेटी एलिजाबेथ को तहखाने में कैद कर दिया, जब वह केवल 18 साल की थी। जोजेफ ने उसे लोहे की हथकडियाँ पहना दी और नशे की दवाईयाँ और इंजेक्शन दिए। उस तहखाने में, जो महज साढे़ पाँच फीट की ऊँचाई का था, उसमें एलिजाबेथ ने अपने जीवन के 24 साल गुजारे।

लेकिन इतने सालों में उसकी तकलीफ का सबसे दर्दनाक पहलू था उसके पिता द्वारा ही किया जाने वाला बलात्कार और इस वजह से उसने सात मासूमों को भी जन्म दिया। इनमें से तीन बच्चों को उसके साथ ही जंजीरों में जकड़ कर वहीं रखा गया। आज इनकी उम्र 19, 18 और 5 साल की हो गई, जबकि 4 बच्चों की मौत हो चुकी है।

जोजेफ ने इन किशोरों एवं अबोध बच्चे को आज तक सूरज की रोशनी तक नहीं देखने दी। इनमें सबसे बड़ी लड़की है और शेष दोनों लड़के। पुलिस को इनकी विशेष चिंता है क्योंकि विशेषज्ञों के मुताबिक जैसे ही ये बच्चे मानवीय सभ्यता के संपर्क में आएँगे उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर इसका खराब असर हो सकता है। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने कभी भी इन बच्चों की आवाज नहीं सुनी।

एलिजाबेथ की तीन अन्य संतानों जिनमें दो लड़कियाँ एवं एक लड़का है, उन्हें जोसेफ और उसकी पत्नी पाल रहे थे। पुलिस ने बताया कि सातवें बच्चे की पैदा होते ही मौत हो गई थीं, इसीलिए उसे जोजेफ ने घर गर्म के इस्तेमाल में लाई जाने वाली भट्टी में झोंक दिया था।

तेज दिमाग अख्खड़ और बदमिजाज जोजेफ के पत्नी रोजमेरी से भी सात बच्चे हुए। उसने तहखाने में जाने के लिए एक गुप्त दरवाजा बनाया हुआ था और उसके ताले खोलने वाला 'कोड' केवल उसे ही मालूम था। इसमें उसने एक बाथरूम और रसोईघर भी बना रखा था। इन चारों के पास उसने एक टीवी एवं एक रेडियो रख दिया था।

इंजीनियर जोजेफ की पत्नी रोजमेरी ने अपने पति की इस झूठी कहानी पर सहज विश्वास कर लिया कि उनकी बेटी एलिजाबेथ घर छोड़कर चली गई है और एक खत के जरिये उसने आग्रह किया है कि उसकी खोजबीन न की जाए।

कुछ सालों के बाद जोजेफ ने एक नई कहानी बनाई और रोजमेरी से कहा कि उनकी बेटी ने एक नया धर्म ग्रहण कर लिया है और वह ही अपने तीन बच्चों को उसके दरवाजे पर छोड़कर चली गई है। इस पर विश्वास दिलाने के लिए उसने एलिजाबेथ को मार-पिटाई कर एक खत भी लिखवा लिया ताकि पत्नी रोजमेरी को उस पर विश्वास आ जाए।

इस वहशियाना मामले की पोल तब खुली, जब एलिजाबेथ की 19 वर्षीय बेटी की तबियत खराब हो गई और उसे अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसका मुआयना करने के बाद उसकी माँ से बात करने की बात कही ताकि उसका इलाज ठीक से शुरू हो सके। इस पर जोजेफ ने एलिजाबेथ और शेष दोनों बच्चों को तहखाने से बाहर निकाला और अपनी पत्नी से झूठ कहा कि उनकी खोई हुई बेटी वापस आ गयी है।

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस को इस मामले की सूचना कैसे मिली? पुलिस ने बताया कि एलिजाबेथ ने उनसे तभी बात करना स्वीकार किया, जब उसे कई बार आश्वस्त किया गया कि अब उसका पिता उसे कभी परेशान नहीं करेगा।

लेकिन इस सारी कहानी में कई सवाल के जबाव अभी नहीं मिल सके हैं। मसलन आखिर एलिजाबेथ बिना किसी मेडिकल सहायता के एक छोटे से कमरे में सात बच्चों को जन्म दिया और रोजमेरी को पता तक नहीं चला? क्या बच्चों या एलिजाबेथ ने कभी शोर नही मचाया? या फिर उन बच्चों को खाना, कपड़ा, पानी, सफाई आदि की सुविधाएँ किस तरह उपलब्ध हो रहीं थीं? ऐसे तमाम सवालों पर परदा उठने के बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी। (वार्ता)
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