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भुट्टो को मरणोपरांत शांति पुरस्कार
पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो को मरणोपरांत वर्ष 2007 के प्रतिष्ठित टिप्पेरारी अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। अपने देश में लोकतंत्र तथा शांति बहाली के लिए उनके संघर्ष के लिए यह सम्मान उन्हें दिया गया।

भुट्टो के लम्बे समय तक सहयोगी रहे बशीर रियाज ने शुक्रवार को आयरलैंड के टिप्पेरारी में एक भावपूर्ण समारोह में भुट्टो के परिवार की तरफ से यह पुरस्कार ग्रहण किया।

भावुकता भरे अपने भाषण में रियाज ने कहा कि भुट्टो के पति आसिफ जरदारी ने उनसे यह पुरस्कार ग्रहण करने को कहा है। उन्होंने कहा इससे उनकी (भुट्टो) आत्मा को सुकून मिलेगा।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सह-अध्यक्ष जरदारी ने यह कहते हुए टिप्पेरारी आने में असमर्थता जताई कि वे पाकिस्तान में सरकार की स्थापना के काम में मशगूल हैं।

पाकिस्तान और ब्रिटेन के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ आए रियाज ने जब पुरस्कार ग्रहण किया तो वहाँ उपस्थित लोगों ने दिवंगत नेता को खड़े होकर तालियाँ बजाकर सम्मान दिया।

माहौल इतना भावुक था कि कई लोगों की आखें भर आईं। खासकर पीपीपी के वे कार्यकर्ता भावुक हो उठे, जो डेनमार्क, ब्रिटेन, फ्रांस और अन्य देशों से इस क्षण के साक्षी बनने पहुँचे थे।

रियाज ने बेनजीर को एक आला दर्जे का इनसान बताते हुए कहा कि वे दो बार पाकिस्तान की प्रधानमंत्री बनीं और उन्होंने अपने देश में लोकतंत्र की बहाली के लिए आखिरी क्षण तक अपने जीवन को समर्पित किया।

इससे पहले इस पुरस्कार से दक्षिण अफ्रीका के नेल्सन मंडेला, पूर्व सोवियत राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, अमेरिकी सीनेटर जार्ज मिशेल तथा लेबनान के मरहूम प्रधानमंत्री रफीक हरीरी को नवाजा जा चुका है।
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