नया चुनावी सर्वेक्षण दर्शाता है कि छह मई को इंडियाना में होने वाले प्राइमरी चुनाव के पहले बराक ओबामा अपनी प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन के साथ बराबरी पर हैं। इस अहम चुनावी मैदान से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए कड़वाहट से भरी रही डेमोक्रेटिक दल की दौड़ का फैसला होगा।
इंडियाना में डेमोक्रेटिक चुनाव के लिए हुए सर्वेक्षण के मुताबिक क्लिंटन और ओबामा के हिस्से में 45-45 फीसदी मत हैं। प्रतिक्रिया देने वाले शेष 10 फीसदी यह निर्णय नहीं कर सके कि कौन जीतेगा।
सीएनएन के पोल ऑफ पोल्स में 23 और 24 अप्रैल को हुआ शोध तथा एजारजी सर्वेक्षण शामिल है। तीसरा सर्वेक्षण 20 से 23 अप्रैल के बीच इंडियाना में हुआ है। सर्वेक्षण में सभी साक्षात्कार पेंसिलवेनिया के प्राइमरी चुनावों के बाद लिए गए जिसमें 22 अप्रैल को क्लिंटन ने जीत दर्ज की थी।
शोध सर्वेक्षण के मुताबिक ओबामा महज एक फीसदी आगे हैं। उन्हें क्लिंटन के 47 फीसदी मतों के मुकाबले 48 फीसदी मत मिले हैं।
सर्वेक्षण यह भी दर्शाता है कि क्लिंटन जहाँ वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं में लोकप्रिय हैं, वहीं ओबामा के पास युवा मतदाता हैं।
प्रतिक्रिया देने वाले 50 फीसदी लोगों ने कहा कि राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की दौड़ में शामिल डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वियों का अभियान काफी नकारात्मक रहा है। ओबामा 1705 डेलीगेट्स के साथ आगे हैं। वहीं क्लिंटन के पास 1575 डेलीगेट्स है। दोनों की नजर 2025 डेलीगेट्स के समर्थन के आँकड़े को पाने की है, जिससे वे अगस्त में होने वाले डेमोक्रेटिक दल के सम्मेलन में अपनी उम्मीदवारी का दावा कर सकें।
अभी तक बेनतीजा रही इस दौड़ से डेमोक्रेटिक दल को भी झटका लगा है। सर्वेक्षण बताता है कि पहले दल का पाँच में से एक सदस्य यह सोचता था कि प्रचार काफी नकारात्मक हो रहा है, लेकिन इस संख्या में अब 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो गई है।
तीन जून से पहले नौ प्राइमरी चुनाव होंगे। इनमें से अगले चुनाव इंडियाना और उत्तरी कैरोलिना में होंगे। छह मई को इंडियाना में होने वाले चुनाव में 187 डेलीगेट्स का समर्थन दाँव पर रहेगा। ओबामा को उत्तरी कैरोलिना में महत्वपूर्ण बढ़त मिल सकती है।
जनवरी से लेकर अभी तक 18 से 24 वर्ष की उम्र के करीब 65 हजार नए मतदाताओं का डेमोक्रेट या असंबद्ध मतदाताओं के रूप में पंजीयन हुआ है। इसी समयावधि में 67 हजार नए अफ्रीकी और अमेरिकी मतदाता भी पंजीकृत हुए हैं।
प्राइमरी चुनावों में भाग लेने वाले अफ्रीकी और अमेरिकी मतदाताओं की संख्या 40 फीसदी रहने की उम्मीद है। इससे ओबामा को अच्छी शुरुआत मिल सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की दौड़ में शामिल दोनों डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंदियों ओबामा और क्लिंटन के बीच गरमा रही बहस वाक्पटुता में तब्दील हो गयी है।
क्लिंटन ने जहाँ बहस की चुनौती दी है, वहीं ओबामा ने शिकायत की है कि यह दौड़ सिर्फ मामूली बातों तक ही सिमटकर रह गई है, जबकि कामकाजी परिवार आर्थिक संकट के मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं।
बहस के विवाद को क्लिंटन नए स्तर पर ले गई हैं। उन्होंने ओबामा को मध्यस्थ या नियंत्रक के बिना बहस का सामना करने की चुनौती दी है।
इंडियाना के साउथ बैंड में प्रचार के दौरान क्लिंटन ने कहा कि हम दोनों 90 मिनट के समय में एक-दूसरे से प्रश्न पूछेंगे और सवालों का जवाब देंगे, जो भी नियम सही होंगे उसे लागू करेंगे। क्लिंटन के प्रचार दल ने ओबामा के प्रचार खेमे को पत्र लिखकर इस प्रस्ताव को औपचारिक बना दिया।
ओबामा के समर्थकों का कहना है कि वे क्लिंटन के साथ पहले ही 21 बार बहस कर चुके हैं। प्राइमरी चुनावों के इतिहास में यह संख्या सबसे ज्यादा है। ओबामा के प्रवक्ता ने कहा कि हमारा मानना है कि अगले दस दिनों में इंडियाना और उत्तरी केरोलिना के मतदाताओं से सीधी बात करना होगी।
क्लिंटन का कहना है कि ओबामा बहस में भाग नहीं लेंगे क्योंकि वे 16 अप्रैल को हुई बहस में टीवी मध्यस्थ के सवालों को लेकर खुश नहीं थे। ओबामा ने शिकायत की है कि बहस राजनीति से जुड़ी छोटी बातों पर ज्यादा और असल मुद्दों पर कम केंद्रित होती है।
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