अगर आपका अपना कोई आपसे झूठ बोल रहा है तो ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है, बस आप झूठ बोलने वाले के चेहरे के उतरते चढ़ते भावों पर नजर रखिए आपको हकीकत का पता चल जाएगा।
अमेरिका के डलहौजी विश्वविद्यालय के मनोवैज्ञानिकों के ताजा शोध के मुताबिक चेहरा मनुष्य के शरीर का एक ऐसा हिस्सा है जिसकी कयी माँसपेशियों पर मनुष्य का नियंत्रण नहीं होता और नकली भाव लाने के लिए उन्हें शरीर के अन्य अंगों के समान संचालित नहीं किया जा सकता।
ऐसी स्थिति में झूठ बोलने वाले लोग खुद को सच साबित करने के लिए कुछ ऐसी हरकतें कर बैठते हैं जो यह बयाँ करने के लिए काफी हैं कि वह सच नहीं बोल रहे। ऐसी हरकतों में बातों के बीच खिसियाई-सी हँसी हँसना, आँखें जल्दी-जल्दी झपकाना जैसी बातें शामिल होती हैं।
शोध कार्य में लगे डॉ. पोर्टर के मुताबिक ये बातें सिर्फ् रोजमर्रा की जिंदगी ही नहीं बल्कि पुलिस पूछताछ, वाई अड्डों पर सुरक्षा जाँच और अदालत में जिरह के लिहाज से भी बहुत महत्वपूर्ण साबित होती हैं।
तो फिर यह बात सौ फीसदी सच मानिये कि लाख छुपाए छुप न सकेगा राज हो कितना गहरा, दिल की बात बता देता है असली चेहरा।
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