पैगंबर मोहम्मद की कथित निंदा करने के कारण सहकर्मियों के हाथों मारे गए 22 वर्षीय हिंदू युवक के परिवार का कहना है कि उनके लिए इस शहर में जिंदगी तब तक मुश्किल रहेगी जब तक उन पर से खुदा की निंदा करने का दाग नहीं मिट जाता।
कोरांगी क्षेत्र की चमड़ा औद्योगिक इकाई में काम करने वाले जगदीश कुमार को उसके सहकर्मियों ने मार दिया था। धर्म को लेकर हुई चर्चा में खुदा के खिलाफ कुमार की टिप्पणी को लेकर सहकर्मी नाराज थे।
कुमार का परिवार उसकी मौत के बाद शहर छोड़कर अपने गृहनगर मीरपुरखास चला गया था। कल लौटे उसके परिवार ने कहा कि जगदीश की हत्या के पीछे कोई और मकसद था।
कुमार की बड़ी बहन रामेश्री ने अखबार 'दि डॉन' से कहा जब तक हमें न्याय नहीं मिल जाता तब तक हमें इस झूठ के साथ जीना होगा जो हमारे समुदाय में डर फैला रहा है।
कुमार अपनी बहन और बहनोई के साथ ल्यारी में रहता था। हालाँकि उसके तीन सहकर्मियों को कुमार को पीट-पीटकर मार डालने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, लेकिन उसका परिवार जाँच प्रक्रिया की रफ्तार से संतुष्ट नहीं है। कुमार की दूसरी बहन सुंदरी ने कहा हमें अपने पैतृक स्थान मीरपुरखास में कभी इस तरह के हालात से दो चार नहीं होना पड़ा।
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