साइप्रस के युवाओं पर यहाँ की परंपरा में महत्व रखने वाले गधों को बचाने की धुन सवार है। वे गधों का दशकों पुराना पानहैंडल अभयारण्य बचाने के लिए सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक तथा ई-मेल का सहारा ले रहे हैं। इस साल मार्च के अंत में लगभग 10 दुर्लभ भूरे गधों को गोली मार दिए जाने के बाद सैकड़ों तुर्क तथा कुछ यूनानी साइप्रसी युवाओं ने 'साइप्रस के गधों को बचाओ' नामक अभियान छेड़ रखा है। कुछ लोगों ने समूहों में रिजोकारपासो के तट पर 'प्रकृति का दुश्मन, मानवता का दुश्मन' लिखे बैनर लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
एक रैली को संबोधित करते हुए एक स्कूल के 20 वर्षीय कर्मचारी डेनिज डाइरेकी ने कहा कि गधे की मौत की इस अनसुलझी समस्या के लिए गुस्साए हुए कृषक जिम्मेवार हैं, जिनकी फसलें नष्ट हो गई थीं।
शिकारियों तथा विकास के समर्थकों की ओर भी अँगुलियाँ ऊठ रही हैं, जो कारपस प्रायद्वीप का दोहन करने में लगे हैं। कुछ इसी तरह की स्थिति उत्तर पश्चिमी तट के अकामाज प्रायद्वीप की है, जहाँ पर राष्ट्रीय पार्क का निर्माण खटाई में पड़ सकता है क्योंकि किसानों ने मफलोंस नामक संरक्षित कई जंगली भेड़ों को गोली मार दी है। संरक्षण के अभियान में शामिल आयसून इशेल नामक एक छात्र ने कहा कि गधों के मारे जाने से हमारा प्रयास निष्फल हो रहा है। यह क्रूरता है। गर्मी की छुट्टियों में हमने सोचा था कि हमें अपनों बंगलों के पास से गुजरने वाले गधों की रेंक सुनने को मिलेगी। अफसोस की अब ऐसा न होगा।
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