मुख्य पृष्ठ > खबर-संसार > समाचार > अंतरराष्ट्रीय
सुझाव/प्रतिक्रियामित्र को भेजियेयह पेज प्रिंट करें
 
सरबजीत से हुई परिवार की मुलाकात
18 साल में पहली बार मिले परिजन
फाँसी की सजा पाए भारतीय नागरिक सरबजीतसिंह के परिवार ने गुरुवार को उनसे लाहौर जेल में मुलाकात की। 18 साल में पहली बार पाकिस्तान की जेल में बंद सरबजीत और नके परिवार की मुलाकात के समय समूचा माहौल भावुक हो गया था।

पंजाब क्षेत्र के गृह विभाग द्वारा अनुमति मिलने के बाद सरबजीत की पत्नी सुखप्रीत कौर, उनकी बेटियाँ स्वप्नदीप और पूनम, उनकी बहन दलबीर कौर और बहन के पति बलदेवसिंह स्थानीय समय के अनुसार शाम को करीब 5 बजे लाहौर की कोट लखपत जेल में उनसे मिलने पहुँचे।

मुलाकात से पहले जेल अधिकारियों ने सरबजीत के रिश्तेदारों को नसे मुलाकात के लिए केवल एक घंटे की इजाजत दी थी। उन्होंने बताया कि जेल अधीक्षक ने मुलाकात का समय आधे घंटे और बढ़ा दिया था।

सरबजीत का परिवार उनकी रुचि के विशेष पकवान ले गया था। उनकी बहन दलबीर 18 राखियाँ अपने भाई के लिए ले गईं थीं। 18 सालों से वह अपने भाई से दूर हैं, इसलिए हर साल के लिए एक राखी।

दलबीर और सुखप्रीत ने कहा कि वह प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी और नवाज शरीफ से मिलकर सरबजीत के मामले में बातचीत करेंगी और उसके लिए क्षमादान की बात करेंगी।

ालाँकि सरबजीत के परिवार को केवल सात दिन के लिए ही वीजा मिला है और वे लोग लाहौर और ननकाना साहिब ही जा सकते हैं।

पाकिस्तान के पूर्व मानवाधिकार मंत्री अंसार बर्नी ने कहा कि वह सरबजीत की मौत की सजा को उम्रकैद में बदलने के लिए नई दया याचिका भेज रहे हैं।
और भी
भारतीय डॉक्टर के बारे में माँगा रिकॉर्ड
मुशर्रफ ने यात्राओं पर खर्च किए डेढ अरब
चीन में सर्वाधिक इंटरनेट प्रेमी
ईरान जबाब देने को तैयार-आईएईए
अमेरिका ने म्यांमार को लगाई फटकार
इंग्लैंड में शिक्षकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल