अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भेजे गए कड़े पत्र में राजनीतिक कैदियों को रिहा करने और विपक्ष के साथ अच्छा बर्ताव करने की संयुक्त राष्ट्र की माँग की अनदेखी करने पर म्यांमार को कड़ी फटकार लगाई है।
बयान में म्यांमार की सेना 'जुन्ता' द्वारा राजनीतिक कैदियों और स्वतंत्र चुनाव कराने की परिषद की माँगों पर अमल की धीमी प्रगति पर निराशा जताई गई है।
यह बयान दो हफ्ते पहले जारी बयान जैसा ही है मगर इसकी भाषा काफी सख्त है। इसमें कहा गया है कि म्यांमार से उम्मीद की जाती है कि वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की माँगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करे। जारी बयान में कहा गया है कि अगर वर्ष 2010 में होने वाले चुनावों को विश्वसनीय बनाना है तो जुन्ता को उसमें विपक्ष की नजरबंद नेता आंग सान सू की समेत सभी पार्टियों के नेताओं को हिस्सा लेने की अनुमति देनी चाहिए।
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