इंग्लैंड में वेतन को लेकर सरकार से नाराजगी के चलते हजारों स्कूलों के शिक्षक आज हड़ताल पर रहेंगे।
20 वर्षों के बाद यह पहला मौका है जब शिक्षक हड़ताल पर होंगे। इसमें नेशनल यूनियन ऑफ टीचर्स के करीब दो लाख सदस्य हिस्सा लेंगे। यह हड़ताल इंग्लैंड की सरकार द्वारा जनवरी में घोषित तीन वर्षीय वेतन समझौते के खिलाफ की जा रही है।
यूनियन के महासचिव क्रिस्टीन ब्लोअर ने कहा कि शिक्षकों द्वारा हड़ताल का फैसला काफी मुश्किल था मगर हमारे धैर्य की भी कोई सीमा है। यह सिर्फ एक साल का मुद्दा नहीं है। महँगाई के हिसाब से वेतन में वृद्धि नहीं किए जाने की वजह से शिक्षकों को हड़ताल के लिए मजबूर होना पड़ा।
इस बीच प्रधानमंत्री गोर्डन ब्राउन ने शिक्षकों की हड़ताल को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि मेरा मानना है कि शिक्षकों का हड़ताल पर जाना बेहद निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि शिक्षकों की हड़ताल जल्द खत्म हो जाएगी।
गौरतलब है कि सरकार द्वारा हाल में घोषित किए गए वेतन को लेकर सरकारी कर्मचारियों में खासा असन्तोष व्याप्त है। हजारों पुलिस अफसरों ने तो इसके खिलाफ मार्च भी निकाला था।
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