वैज्ञानिक एक ऐसा कंप्यूटर विकसित कर रहे हैं जो उनके दावे के मुताबिक विशेष प्रकार की आवाजों और चेहरे के हाव-भाव आदि से मनुष्य से बातचीत कर सकेगा।
बेलफास्ट में क्वीन्स विश्वविद्यालय का एक दल सेंसिटिव आर्टिफीशियल लिसनर (एसएएल) नामक यह कंप्यूटर प्रणाली विकसित कर रहा है। यह एक यूरोपीय परियोजना सीमैन के तहत बनाई जा रही है।
चेहरे की मुद्राओं और आवाज के साथ एसएएल कंप्यूटर लोगों से बातचीत करेगा। सांकेतिक भाषा के जरिये यह लोगों से बातचीत में मशगूल रहेगा। माना जा रहा है कि 20 साल के अंदर लोग कंप्यूटर के साथ संवाद करेंगे। यह नई योजना तकनीक को मानवीय समझ के साथ जोड़ने की है।
साइंसडेली ने इस परियोजना के मुख्य शोधकर्ता प्रोफेसर रेड्डी कावी के हवाले से बताया कि आज जब हम तकनीक का इस्तेमाल करते हैं तो हम कंप्यूटर या अन्य मशीन के हिसाब से संचार करते हैं। सीमैन परियोजना के लागू होने के बाद कंप्यूटर से हम अपने अंदाज में बातचीत कर सकेंगे।
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