पाकिस्तान में यातायात की निगरानी करने वाले 'ट्रैफिक वार्डन' एकमात्र सिख गुलाबसिंह ने अपने साथ भेदभाव के कारण पद से इस्तीफा दे दिया।
गुलाबसिंह ने कुछ दिनों पहले ही पद से इस्तीफा दिया। उनका आरोप है कि सहकर्मी उनके धर्म का मजाक उड़ाते थे। उनके साथ असमान व्यवहार किया जाता था क्योंकि वे मुसलमान नहीं हैं। उनका आरोप है कि जब वे इस भेदभाव की शिकायत अपने वरिष्ठ अधिकारियों से करते हैं तो वे इसे गंभीरता से नहीं लेते। सिंह ने डेली टाइम्स को बताया कि फैसल नामक उनके एक सहकर्मी ने वरिष्ठ अधिकारियों को उनकी अनुपस्थिति की झूठी सूचना दी। अगले दिन जब वे अपनी ड्यूटी पर पहुँचे तो एक अन्य ट्रैफिक वार्डन मुबाशेर ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और जबरन उनका साफा उतार दिया। गुलाबसिंह का आरोप है कि मौके पर मौजूद अन्य ट्रैफिक वार्डनों ने उनका मजाक उड़ाया। उन्होंने पूरे मामले की शिकायत इंस्पेक्टर शाहिद नदीम से की लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। इस घटना के थोड़ी देर बाद ही सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। ट्रैफिक पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जाँच की जा रही है और मुबाशेर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
दूसरी ओर सिंह के सहकर्मियों का दावा है कि जब से सिंह सेवा में शामिल हुए थे, उन्हें तभी से नौकरी छोड़ने के लिए धमकाया जा रहा था। पुलिस उपाधीक्षक इचरा शेहजाद खान ने कहा अगले दो दिन में मामले को सुलझा लिया जाएगा। वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से मामले पर ध्यान दे रहे हैं।
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