ब्रिटेन के आव्रजन कानूनों में अवैधानिक बदलावों के कारण देश छोड़ने को विवश किए गए करीब 2500 उच्च प्रशिक्षित भारतीय पेशेवरों को वापस आने की अनुमति मिल सकती है।
लंदन उच्च न्यायालय ने आठ अप्रैल के अपने फैसले में आव्रजन कानूनों में परिवर्तन को अवैध करार दिया था। इससे पहले नवंबर वर्ष 2006 में हाईली स्किल्ड माइग्रेंट्स प्रोगाम (एचएसएमपी) के तहत इन बदलावों को त्वरित प्रभाव से लागू कर दिया गया था।
एचएसएमपी मंच अब गृह मंत्रालय के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने में लगा है कि कानून में विवादित बदलावों के कारण ब्रिटेन छोड़ने के लिए मजबूर हुए लोगों को लौटने और रोजगार हासिल करने की अनुमति दी जाए।
एचएसएमपी मंच के अमित कपाड़बया ने बताया कि वर्ष 2006 में किए गए बदलाव से प्रभावित हुए लोगों को देश वापस आने की अनुमति देना गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी है।
कपाड़िया ने बताया कि आव्रजन कानूनों में अवैधानिक बदलावों से करीब 5000 पेशेवर प्रभावित हुए थे। इनमें से लगभग आधे लोग भारतीय हैं।
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