अमेरिका में मंदी का असर सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों पर दिखाई दे रहा है। एक नियुक्ति फर्म का कहना है कि वह सॉफ्टवेयर कंपनियों नई नियुक्तियों में कटौती की पक्षधर हैं।
यद्यपि भारतीय आईटी कंपनियाँ यूरोपीय बाजार में प्रवेश कर रही हैं लेकिन उनकी आय का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा अब भी अमेरिका से आता है। ऐसे में अमेरिकी बाजार में कोई भी मंदी का असर आईटी कंपनियों के मार्जिन और मुनाफे पर होगा।
हैदराबाद स्थित केली सर्विसेज इंडिया के आईटी भर्ती सेल के यूनिट प्रमुख पूरमशेट्टी ने बताया कि पिछले दो से तीन महीनों में भर्ती में निश्चित गिरावट है। यह आईटी क्षेत्र में अधिक दृष्टिगत है, जबकि बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग और उत्पाद विकास खंड में उतना नहीं है।
पूरमशेट्टी ने कहा कि कंपनियाँ लागत को कम करने के सभी संभावित उपायों को देख रही हैं तथा भर्ती को कम करना इसी का एक स्वरूप है।
रिसर्च फर्म के आरआईएस में रणनीतिकार अरूण केजरीवाल ने कहा कि पहले आईटी कंपनियाँ परियोजनाओं का अनुमान करते हुए लोगों को भर्ती किया करती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। आईटी कंपनियाँ अब तब भर्ती करती हैं, जब कभी माँग उभरती है।
एक्जीक्यूटिव एक्सेस इंडिया प्रा.लि. में रिसर्च एसोसिएट वंशवर्धन जोशी ने कहा कि भर्ती के क्षेत्र में मौजूदा मंदी अगले छह माह जारी रहने की संभावना है।
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