नेपाल के शाही महल ने नरेश के निर्वासन की खबरों का खंडन करते हुए कहा है कि चुनावों में माओवादियों की ऐतिहासिक जीत के बाद संकटों से घिरे राजा ज्ञानेंद्र की भारत में निर्वासित रहने की कोई योजना नहीं है। गौरतलब है कि माओवादियों की जीत के बाद इस तरह की खबरें सामने आई थीं कि नरेश ने भारत में शरण लेने का आग्रह किया है।
शाही महल नारायण हिती ने रविवार को बताया कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में नरेश के भारत में शरण लेने की खबरें झूठी और मनगढ़ंत हैं। महल के एक अधिकारी के मुताबिक नारायण हिती महल खाली करने या देश छोड़कर भारत में शरण लेने की राजा की कोई तात्कालिक योजना नहीं है।
अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र महल छोड़ रहे हैं और भारत में शरण लेने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कानूनी प्रक्रियाओं को अभी पूरा करना है। संविधान सभा के चुनावों में मिली ऐतिहासिक जीत के बाद माओवादी प्रमुख प्रचंड ने कल नेपाल में भारतीय राजदूत शिवशंकर मुखर्जी से नेपाल नरेश की सम्मानजनक विदाई के लिए मुलाकात की।
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