तालिबान ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान के राजदूत तारिक अजीजुद्दीन को मुक्त करने के एवज में करीब 10 आतंकवादियों की रिहाई और कुछ फिरौती की माँग की है।
अजीजुद्दीन का वीडियो टेप जारी होने के बाद पहली बार उनकी आजादी के बदले में तालिबान की ओर से रखी गई शर्तें उजागर की गई हैं। हालाँकि अजीजुद्दीन ने अपने बयान में इन शर्तों का कोई उल्लेख नहीं किया और न ही सरकार ने इस बारे में कुछ कहा है।
पाकिस्तान के अखबार दि न्यूज ने तालिबानी सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि आतंकवादी संगठन अपनी माँगें सरकार तक पहले ही पहुँचा चुके हैं और इस बारे में चर्चा जारी है। तालिबानी सदस्यों ने तो यहाँ तक दावा किया है कि बातचीत महत्वपूर्ण मोड़ तक पहुँच चुकी है और इस बारे में समझौता कभी भी हो सकता है।
तालिबान सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी और अफगानी आतंकवादियों के एक गुट ने अजीजुद्दीन का गत 11 फरवरी 2008 को खैबर एजेंसी के जमरूद उपमंडल से अगवा कर लिया था।
अल अरबिया चैनल पर प्रसारित वीडियो टेप में अजीजुद्दीन ने कहा है कि उनका और चालक गुल जमां तथा सुरक्षाकर्मी अमीर सुल्तान का खैबर एजेंसी में अली मस्जिद के निकट से अपहरण कर लिया है और उनके अपहृर्ता तालिबान हैं।
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