चीन की राजधानी बीजिंग सहित पाँच शहरों में शनिवार को सैकड़ों लोगों ने फ्रांस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और फ्रांसीसी उत्पाद का बहिष्कार किया। इसका कारण फ्रांस द्वारा तिब्बत की स्वतंत्रता का समर्थन करना बताया गया। चीनी प्रदर्शनकारियों ने यहाँ स्थित बहुचर्चित फ्रांसीसी सुपर मार्केट कैरेफौर के सामने फ्रांस विरोधी नारे लगाए और फ्रांसीसी उत्पादों का बहिष्कार करने का आह्वान किया। इन प्रदर्शनों के दौरान बीजिंग, हेफेई, वुहान, किंगडाओ और कुनमिंग में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया।
बीजिंग स्थित फ्रांसीसी दूतावास के सामने कुछ चीनियों ने बैनर दिखाए, जिनमें लिखा था- 'तिब्बत चीन का है... तुम चुप रहो फ्रांसीसी'। इन लोगों ने यहाँ के फ्रांसीसी स्कूल में भी पहुँचकर ऐसी ही नारेबाजी की।
चीन में इंटरनेट पर किसी भी मुद्दे का जोरदार प्रचार किया जाता है। इसी कड़ी में चीनी नागरिकों ने फ्रांसीसी सुपर मार्केट कैरेफौर के उत्पाद के विरोध में खूब लिखा और चीनियों से इसके व अन्य पश्चिमी स्टोर्स के उत्पादों का बहिष्कार करने को कहा। कैरेफौर चीन के कई शहरों में अपने आउटलेट्स संचालित करता है।
इंटरनेट पर जारी संदेशों में कहा गया है कि हम चीनी अहंकारी नहीं हैं। इस बारे में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जियांग यू ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से चीनी नागरिक अपने विचार और भावनाओं को प्रदर्शित कर रहे हैं।
विरोध का कारण : गत दिनों ओलिंपिक मशाल के फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुँचने के कुछ दिन पहले वहाँ के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी ने कहा था कि चीन तिब्बत में मानवाधिकारों का हनन कर रहा है।
उन्होंने चीन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर चीन ने तिब्बत पर अपनी नीतियों को नहीं बदला, तो यूरोपीय संघ द्वारा ओलिंपिक का बहिष्कार भी किया जा सकता है।
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