नेपाल के एक शीर्ष माओवादी नेता ने कहा है कि अब देश में संयुक्त राष्ट्र मिशन (यूएनएमआईएन) की जररूरत नहीं रह गई है, जबकि संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि अभी नेपाल में उसकी भूमिका बाकी है।
स्थानीय मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक माओवादी नेता सीपी गाहूरेल ने कहा कि नेपाल में अब यूनएमआईएन की अवधि बढ़ाई नहीं जाएगी। यूएनएमआईएन की छह महीने की अवधि जुलाई को समाप्त हो रही है।
उन्होंने कहा कि माओवादी अपने बूते देश की सेना का गठन करने में सक्षम हैं। अब देश में कोई नेपाली सेना जैसी चीज नहीं होगी वह सिर्फ नेशनल आर्मी कहलाएगी। उन्होंने कहा कि नई सेना का गठन राजनीतिक दलों और नेपाली नागरिकों की जिम्मेदारी है, जिसे वही पूरा करेंगे।
इस बीच यूएनएमआईएन के प्रमुख इआन मार्टिन ने कहा कि नेपाल सरकार के साथ हुए समझौते के तहत सयुक्त राष्ट्र को माओवादियों की सेना और हथियारों के नियंत्रण के लिए सरकार को सहयोग देना है लिहाजा नेपाल में उसकी मौजूदगी जरूरी है।
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