एक नए अध्ययन में पता चला है कि जिन लोगों को तेज सिरदर्द (माइग्रेन) रहता है उनमें दिल के दौरे या पक्षाघात का खतरा बढ़ जाता है।
बोस्टन के हावर्ड स्कूल के शोधकर्ताओं ने अध्ययन में पाया है कि जिन लोगों को महीने में एक बार सिर दर्द होता है उनमें दिल के दौरे की डेढ़ गुना ज्यादा संभावना होती है, जबकि जिन लोगों को सप्ताह में एक बार सिरदर्द होता है, उनमें इस बीमारी से पीड़ित नहीं रहने वालों की तुलना में तीन गुना ज्यादा पक्षाघात की संभावना होती है। माइग्रेन को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शरीर को कमजोर करने वाली सर्वाधिक 20 स्थितियों में सूचीबद्ध किया है, जिसका जिंदगी पर गहरा असर पड़ता है। यह गंभीर बीमारी है और इसके लक्षण हैं प्रकाश, ध्वनि और दुर्गंध आदि से विमुखता के कारण चुभन होना और उल्टी आना।
शोध का नेतृत्व करने वाले डॉ. टोबैस कुर्थ के अनुसार सिर दर्द में तेजी से दिल संबंधी रोगों के बढ़ने का ज्यादा खतरा होता है। अध्ययन में अमेरिका की 27798 महिला स्वास्थ्य पेशेवरों को शामिल किया गया था जिनकी उम्र 45 साल या इससे ज्यादा थी।
शोध की शुरुआत में महिलाओं में स्नायु और मस्तिष्क संबंधी कोई बीमारी नहीं थी और उन पर औसतन 12 साल तक अध्ययन किया गया। उस दौरान 706 स्नायु व मस्तिष्क संबंधी घटनाएँ दिल के दौरे के 305 और पक्षाघात के 310 मामले सामने आए।
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