मध्य जापान में स्थित एक बौद्ध मंदिर के प्रशासन ने मंदिर को 26 अप्रैल को यहाँ होने वाली ओलिंपिक मशाल रिले का प्रारम्भ स्थल बनाने से मना कर दिया है। मंदिर प्रशासन ने यह फैसला सुरक्षा कारणों और तिब्बत समर्थकों के कड़े विरोध की आशंका के मद्देनजर लिया है।
नगानो में स्थित जेनकोजी मंदिर प्रशासन ने कहा है कि उन्हें स्थानीय निवासियों और तिब्बती समर्थकों के करीब एक हजार पत्र मिले हैं जिसमें मंदिर प्रशासन से यह माँग की गई है कि वह 26 अप्रैल को होने वाली मशाल रिले के प्रांरभिक स्थल बनने से मना कर दे।
मंदिर के एक अधिकारी ने कहा कि हमें सुरक्षा के बारे में सोचने की जरूरत है। एक बौद्ध मंदिर के कारण हमें बौद्ध धर्मावलंबियों की चिंताओं को ध्यान में रखना होगा। तिब्बत मसले पर बढ़ती अंतरराष्ट्रीय चिंता के बाद देश भर से हमें इस बारे में पत्र मिले हैं।
गौरतलब है कि जापान में 80 मशाल धावक 18.5 किलोमीटर तक होने वाली इस मशाल रिले में हिस्सा लेंगे। उधर मशाल रिले आयोजित करने वाली कमेटी ने कहा है कि अब वह मशाल रिले के मार्ग में बदलाव करने पर विचार करेंगे।
ज्ञातव्य है कि पेइचिंग ओलिंपिक मशाल रिले का दुनिया के अनेक देशों में तिब्बती प्रदर्शनकारियों ने विरोध किया था और पेरिस में तो मशाल बुझानी भी पड़ी थी। हालाँकि भारत में निर्वासित तिब्बतियों की सबसे अधिक संख्या होने के बावजूद गुरूवार को दिल्ली में मशाल रिले शांतिपूर्ण ढंग से गुजर गई।
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