राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने ब्राजील के राष्ट्रपति लुईस इन सियो लूला द सिल्वा को प्राचीन भारतीय आयुर्वेदिक परंपरा की जड़ी-बूटियों से बनी औषधियों को अपने देश में आजमाने की सलाह दी है।
राष्ट्रपति लूला से मुलाकात के दौरान श्रीमती पाटिल ने उन्हें आयुर्वेद पर एक पुस्तक और आयुर्वेदिक औषधियों के बारे में एक डीवीडी भेंट की। उन्होंने लूला से आग्रह किया कि वह अपने देश में आयुर्वेदिक औषधियों के इस्तेमाल और उसके संयुक्त उत्पादन को बढ़ावा दें जिसका प्राचीन ग्रंथो के अनुसार कोई प्रतिकूल असर नहीं होता है।
श्रीमती पाटिल लूला के लिए और तोहफे भी लेकर आई थी। उन्होंने उन्हें चाँदी का बॉक्स और मोती (मदर ऑफ पर्ल) तथा उनकी पत्नी को भी चाँदी की तश्तरी भेंट की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार लूला ने भी पाटिल को 170 सेंटीमीटर चौड़ी और 190 सेंटीमीटर लंबी पेंटिंग (पिटागोरस पेनल दि इन्सेटोस) भेंट की। प्रवक्ता के अनुसार दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच बातचीत अत्यंत ही सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। निर्धारित से काफी ज्यादा समय चली इस बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच रिश्तों को प्रगाढ़ बनाने और साझा आर्थिक व्यापार बढ़ाने पर जोर दिया गया।
दोनों राष्ट्रपतियों ने भारत और ब्राजील के बीच सीधी विमान सेवा शुरू किए जाने की भी जरूरत व्यक्त की। राष्ट्रपति के साथ गए प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने कहा कि ब्राजील में भारत के आयुर्वेदिक औषधि निर्माताओं के लिए अपार संभावनाएँ हैं।
दरअसल दोनों देशो में भौगोलिक दृष्टि से जो समानताएँ है उसके लिहाज से ब्राजील में सारी जड़ी बूटियाँ उपलब्ध हैं। अगर वहाँ आयुर्वेदिक औषधियाँ बनाने की अनुमति मिलती है तो दोनों देशों के बीच औषधि क्षेत्र में सहयोग के द्वार खुल जाएँगे।
ब्राजील में सरकार सभी को मुफ्त दवा उपलब्ध करती है। उल्लेखनीय है कि ब्राजील में साओ पाओलो में दुनिया का एकमात्र योग विश्वविद्यालय है। देश में योग के कई स्कूल भी है। श्रीमती पाटिल ने भी अपनी यात्रा के दौरान इस विश्वविद्यालय का दौरा किया और इसके योगदान की सराहना की थी।
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