भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के बीच साझा शोध और उससे संबंधित गतिविधियों के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं।
यह समझौता नैनो विज्ञान पर केंद्रित है और इसमें दोनों प्रतिष्ठित अध्ययन केंद्रों के विद्यार्थियों व कर्मचारियों के बीच आदान- प्रदान होगा।
कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एलिसन रिचर्ड की ओर से प्रोफेसर एलन विंडल और आईआईटी मुंबई के निदेशक प्रोफसर अशोक मिश्रा ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
दोनों की मुलाकात के बाद नैनो तकनीक पर केंद्रित पहला साझा समझौता हुआ। इसका नेतृत्व प्रोफेसर मार्क वेलेंड और प्रोफेसर विंडल ने किया।
समझौते के तहत कैम्ब्रिज राष्ट्रमंडल ट्रस्ट के अंतर्गत 10 विद्यार्थियों को तीन वर्षीय पीएचडी पाठ्यक्रम के अध्ययन के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसी के साथ दोनों के अकादमिक कर्मचारी भी एक दूसरे के संस्थानों में जाएँगे।
प्रोफेसर विंडल ने कहा कि कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय इस समझौते को लेकर खुश है। विशेषकर इसलिए, क्योंकि यह करार आईआईटी मुंबई के साथ हुआ है जो ऊर्जा का केंद्रबिंदु होने के साथ ही विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए प्रतिबद्ध है।
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