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सेक्स कांड विवादों का ठीक से समाधान नहीं
पोप बेनेडिक्ट सोलहवें ने अमेरिका के रोमन कैथोलिक नेताओं से कहा है कि कई बार चर्चों द्वारा पादरियों या धर्मगुरुओं के सेक्स कांडों को नियंत्रित करने का ढंग बहुत बुरा होता है।

वॉशिंगटन में कल राष्ट्रीय पूजास्थल पर अमेरिका के हजारों बिशपों की मौजूदगी में हुई प्रार्थना सेवा के समय पोप की यह टिप्पणी आई है। पोप ने अमेरिका की अपनी यात्रा के दौरान दूसरी बार सेक्स कांडों पर अपनी टिप्पणी दी है और अभी तक की गई बिशपों की यह सबसे कठोर आलोचना है।

अमेरिका जाते वक्त पोप ने कहा था कि इन कांडों के कारण वे शर्मिंदा हैं और धर्मस्थलों से दुराचारियों को बाहर रखने के लिए संघर्ष करेंगे।
यूएस कान्फ्रेंस ऑफ कैथोलिक बिशप्स के अध्यक्ष और उच्च स्तरीय पादरी फ्रांसिस जॉर्ज से बातचीत के बाद पोप ने कहा कि आज कई घरों में मीडिया की बदौलत हिंसा और अश्लीलता देखी जाती है, ऐसे में बच्चों की सुरक्षा की बात करने का क्या मतलब है।

उच्च स्तरीय पादरी जॉर्ज ने कहा कि धर्मगुरुओं के सेक्स कांडों के परिणामों को कई बार बिशप बुरी तरह से नियंत्रित करते हैं जिस कारण कुछ कैथोलिक श्रद्धालुओं के व्यक्तिगत विश्वास और चर्च का सामाजिक जीवन समस्याग्रस्त हो जाता है।

जॉर्ज की इस राय से पोप ने भी सहमति जताई। पोप बेनडिक्ट ने कहा कि यह नहीं भूलना चाहिए कि ईमानदारी से सेवा करने वाले पादरियों की संख्या अधिक है और ईश्वर ने बिशपों को यह जिम्मेदारी दी है कि वे उन लोगों की पहचान करें जो गलत काम कर रहे हैं।
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