दुर्रत अल-बहरीन को दुनिया की सबसे बड़ी लाइफस्टाइल परियोजना माना जा रहा है। यहाँ पर विलासितापूर्ण मकान, प्रतिष्ठान और टूरिस्ट रिसॉर्ट की तैयारी की जा रही है।
11 द्वीपों में 1800 बंगले : पिछले दिनों दोहा में रीयल इस्टेट व निवेश प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। यहाँ पर द्वीप आधारित लाइफस्टाइल को पेश किया गया, जो दुर्रत अल-बहरीन के रूप में नजर आया। यह करीब 6 अरब डॉलर की लागत का होगा। यह दक्षिण बहरीन में 21 वर्ग किमी इलाके में फैला होगा। इसे फूलों की पंखुड़ियों का रूप दिया गया है। 11 द्वीपों में करीब 1800 लक्जरी रिहायशी बंगले होंगे।
18 गोल्फ कोर्स भी : इन द्वीपों में केवल लक्जरी बंगले ही नहीं, वरन बिजनेस मीट और अन्य कार्यों और खेल-कूद का भी ध्यान रखा गया है। इन द्वीपों में करीब 18 गोल्फ कोर्स भी बनाए जाएँगे। विश्व के ख्यात गोल्फ खिलाड़ी एल्स इसे डिजाइन करेंगे। मजे की बात यह है कि ये सभी एक-दूसरे से मिले हुए रहेंगे। यह मानव निर्मित द्वीप पर बनाए जाने हैं। इसमें करीब 12 पुल होंगे। इसके अलावा कुछ पाँच सितारा होटल भी होंगे। हालाँकि पिछले दिनों यहाँ काम कर रहे करीब 1300 मजदूरों ने पगार बढ़ाने को लेकर औजार रख दिए थे और काम करने से मना कर दिया था।
हार का आकार : दुर्रत अल-बहरीन के सीईओ जासिम अल-जोडर का कहना है कि यह एकदम अलग तरह का है। हालाँकि यह भी कहा जा रहा है कि यह दुबई के पाम आईलैंड की नकल की जा रही है। वे कहते हैं कि हम एक तरह से नया शहर बसाना चाहते हैं। यहाँ की जीवनशैली पाँच सितारा होगी। पूरे शहर को एक हार का आकार देना चाहते हैं। यहाँ रहने वाले और यहाँ आने वाले पर्यटकों को एक अलग अनुभूति होगी। यहाँ पर मकान लेने के लिए कर्ज आदि की भी व्यवस्था है।
आबोहवा का ध्यान : इस परियोजना में पर्यावरण का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त एटकिंस की परामर्श सेवाएँ ली जा रही हैं, जो पारिस्थितिकीय तंत्र का भी ध्यान रखेंगे। इसके लिए बाकायदा पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन होता है, जो पर्यावरण प्राधिकारियों के मानकों के अनुरूप चलता है। इसमें डिजाइन, निर्माण और परियोजना की दीर्घावधि को लेकर भी परीक्षण होते हैं। यह भी देखते हैं कि स्थानीय पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुँचे। (नईदुनिया)
|