पोप बैनेडिक्ट राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से मुलाकात के लिए अमेरिका पहुँच गए हैं, जहाँ उनकी शानदार अगवानी की गई। अमेरिका पहुँचने से कुछ ही घंटे पूर्व पोप ने स्वीकार किया था कि वे पादरियों के यौन उत्पीड़न कांडों से बेहद शर्मिन्दा हैं, जिनके चलते अमेरिकी गिरजाघरों में तूफान खड़ा हो गया है।
राष्ट्रपति बुश द्वारा पोप से चीन, मानवाधिकार मुद्दे और तिब्बत में हालिया अशांति के विषय पर चर्चा किए जाने की संभावना है। एलिटालिया एयरलाइंस के विशेष विमान से अमेरिका की अपनी पहली यात्रा पर पहुँचे पोप ने सैकड़ों लोगों का दोनों हाथ हिलाकर अभिवादन किया।
हवाई अड्डे पर मौजूद स्कूली बच्चे उन्हें देखकर खुशी के मारे चिल्ला उठे। पोप ने प्रथम महिला लौरा बुश तथा उनकी बेटी जेना से हाथ मिलाया। इसके कुछ मिनट बाद पोप तथा राष्ट्रपति वाहनों के काफिले में सवार होकर चले गए।
रोम से अमेरिका की अपनी यात्रा के दौरान पोप ने विमान में सर्वाधिक पीड़ादायक मुद्दे यानी अमेरिका में रोमन कैथोलिक गिरजाघरों में पादरियों के यौन उत्पीड़न कांडों पर कहा कि अमेरिका में और सामान्य तौर पर अन्य जगहों पर तथा निजी रूप से मेरे लिए चर्चों में यह सब होना दुखदाई है। मेरे लिए यह समझना मुश्किल है कि पादरी ऐसे कैसे अपने मिशन से विश्वासघात कर सकते हैं।
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