विविध संस्कृतियों के लिए अपनी खास पहचान रखने वाले शहर लिसेस्टर में महात्मा गाँधी की प्रतिमा स्थापित करने को हरी झंडी मिलने के बाद अब बापू की योग्य प्रतिमा की तलाश शुरू हो गई है।
इस मुद्दे को लेकर शहर में महीनों तक विवादास्पद प्रचार और बहस का सिलसिला चला था। लिसेस्टर सिटी परिषद की योजना समिति की हुई बैठक में अधिकारियों द्वारा सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श किए जाने के बाद प्रतिमा लगाने को मंजूरी प्रदान की गई।
परिषद के एक प्रवक्ता ने बताया कि बैठक में गाँधी की प्रतिमा संबंधी मुद्दे की प्रासंगिकता को लेकर कोई बहस नहीं हुई। उन्होंने बताया कि नियमों के अनुसार मंजूरी मिलने के तीन साल के भीतर प्रतिमा लगानी होगी।
यह प्रतिमा बेलग्रेव रोड पर स्थापित की जाएगी, जो गुजराती मूल के लोगों का वाणिज्यिक और सांस्कृतिक गतिविधि का केन्द्र है। लिसेस्टर में ब्रिटिश एशियाई लोगों की भारी आबादी है और इसके बारे में भविष्यवाणी की गई है कि इस शहर में अगले 12 वर्ष में ब्रिटेन के श्वेत लोग ही अल्पसंख्यक हो जाएँगे।
लिसेस्टर में गुजराती अल्पसंख्यक समुदाय की संख्या सबसे अधिक है, जिनमें से बहुत से लोग 1970 के दशक की शुरूआत में उगांडा से निकाले जाने के बाद यहाँ आकर बसे थे। कई महीनों से शहर में महात्मा गाँधी की प्रतिमा लगाए जाने को लेकर विवाद चल रहा था।
गाँधी के मुकाबले में स्थानीय नायकों जैसे फुटबॉल खिलाड़ी गैरी लिनेकर तथा डीएनए की खोज करने वाले सर एलेस जैफरीज की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर अभियान चलाया गया था।
इस मुद्दे पर ऑनलाइन प्रचार अभियान के साथ ही अदालतों में याचिकाएँ भी दाखिल की गईं और यह मुद्दा प्रस्ताव के रूप में हाउस ऑफ कॉमन्स तक भी पहुँचा। हालाँकि परिषद की प्रवक्ता ने बताया कि योजना समिति की बैठक में इस मुद्दे पर किसी प्रकार की बहस नहीं हुई कि किसकी प्रतिमा लगनी चाहिए और इसमें केवल योजना आवेदन पर गौर किया गया जो कम्युनिटी ग्रुप ने पेश किया था।
महात्मा गाँधी की प्रतिमा पर 20 हजार पाउंड की लागत आएगी और इसका खर्च एक धर्मार्थ संस्था समन्वय परिवार वहन करेगी। इस समूह से प्रतिमा की देखभाल और साज-संभाल के लिए अलग से कोष की व्यवस्था करने को कहा गया है।
प्रचार अभियान के प्रमुख समर्थक तथा गोवा मूल के लेबर पार्टी के लिसेस्टर ईस्ट से सांसद कीथ वाज ने परिषद के फैसले पर खुशी जाहिर की तथा गाँधीजी की प्रतिमा लगाए जाने को लिसेस्टर की बहुसांस्कृतिक सभ्यता का परिचायक बताया। महात्मा गाँधी की प्रतिमा के पक्ष में चलाए गए अभियान को लॉर्ड रिचर्ड एनटबरो का भी समर्थन मिला, जिन्हें ऑस्कर पुरस्कार विजेता फिल्म 'गाँधी' के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। इसमें उन्होंने गाँधी की भूमिका अदा की थी।
वाज ने कहा कि विभिन्न धर्मो के बीच भाईचारे के गाँधीजी के दर्शन का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा गाँधीजी की प्रतिमा उनकी तथा लिसेस्टरवासियों की विविधता के प्रति प्रतिबद्धता का शानदार प्रतीक होगी। सिटी परिषद के नेता कौंसलर रौस विलमौट ने कहा कि गाँधी ऐसे व्यक्ति हैं, जिनका दर्शन किसी विशेष राष्ट्र या धर्म की सीमाओं से परे हैं। उनका दर्शन और जीवनशैली हमें बताती है कि शांति और अहिंसक प्रदर्शन दुनिया को बदल सकता है। मुझे अपने शहर में गाँधीजी की प्रतिमा देखकर गर्व महसूस होगा।
गाँधीजी की एक प्रतिमा मध्य लंदन के टेवीस्टाक चौक पर भी लगी है जबकि दक्षिणी पश्चिमी बंदरगाह शहर ब्रिस्टोल में भारतीय समाज सुधारक राजा राममोहन राय की प्रतिमा भी एक प्रमुख जगह पर लगाई गई है।
|