राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ब्राजील के रियो द जेनेरो शहर में पहाड़ की चोटी पर स्थित मुक्तिदाता ईसा मसीह की विश्व प्रसिद्ध प्रतिमा को खराब मौसम के कारण ढंग से नहीं देख पाईं। तिजुका राष्ट्रीय उद्यान में कोर्कोवाड़ो पहाड़ी पर स्थित 130 फुट आकार की इस प्रतिमा को देखने जब राष्ट्रपति तथा अन्य लोग जा रहे थे तो उन्हें इस बात का जरा भी अंदेशा नहीं था कि आगे क्या होने जा रहा है।
घुमावदार पहाड़ी रास्ते पर जब प्रतिभा पाटिल और उनका काफिला 30 मिनट तक चला तो एकाएक बारिश होने लगी। तेज बारिश से अप्रभावित राष्ट्रपति और उनके दल ने ईसा मसीह की प्रतिमा को देखने के लिए एलीवेटर का प्रयोग करने का निर्णय किया। गौरतलब है कि 'स्टेच्यू ऑफ क्राइस्ट द रीडिमर' नामक इस प्रतिमा को पिछले वर्ष एक मतदान में विश्व के सात अजूबों में से एक घोषित किया गया था।
बारिश के बाद घने कोहरे ने ईसा मसीह की प्रतिमा को ढँक लिया जिसके कारण राष्ट्रपति एलीवेटर के उपयोग के बावजूद इसे ढंग से नहीं देख पाईं।
कुछ ही देर बाद खुशी की एक हल्की की किरण दिखाई दी, जब लगभग पाँच सेकंड के लिए घना कोहरा जरा छँटा। इसे देखकर कैमरामैन चिल्लाने लगे राष्ट्रपति साहिबा, कृपया कुछ देर रुकें, लेकिन जब तक वह अपना वाक्य पूरा कर पाते उतने ही देर में बादलों ने एक बार फिर प्रतिमा को ढँक लिया। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से वहाँ से जाने से पहले ईसाइयों के प्रार्थनागृह गईं, जहाँ उनका स्वागत पादरी फादर जोसेफ ने स्वागत किया, जो केरल के थे। गौरतलब है कि इस साल 10 फरवरी को इस प्रतिमा पर आकाशीय बिजली गिरी थी जिसके कारण रियो में हड़कंप मच गया था। हालाँकि बिजली गिरने से प्रतिमा को कोई नुकसान नहीं हुआ था।
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