पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने सोमवार को कहा कि लंबित कश्मीर मुद्दे के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ के लोगों के हित के लिए अच्छी भावना है।
कश्मीर और फिलिस्तीन मुद्दे को पुराना विवाद बताते हुए मुशर्रफ ने त्सिंगह्वा यूनिवर्सिटी के शिक्षकों और छात्रों से कहा कि जहाँ तक पाकिस्तान का सवाल है हम भारत के साथ द्विपक्षीय रुख पर चल रहे हैं। चीन की छह दिवसीय यात्रा पर आए मुशर्रफ ने कहा कि हमें उम्मीद है कि दोनों ओर मौजूद अच्छी भावना के चलते दोनों देशों के लोगों के हित में लंबित विवाद का समाधान सौहार्दपूर्ण ढंग से निकलेगा।
पिछले 60 वर्षों में अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य की समीक्षा पर बोलते हुए मुशर्रफ ने कश्मीर का दो बार जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विश्व अब बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है।
मुशर्रफ ने कहा मैं फिलिस्तीन और कश्मीर मुद्दों को पुराने मुद्दे मानता हूँ। अमेरिका पर हुए 11 सितंबर के आतंकवादी हमले ने विश्व को पूर्ण रूप से बदल दिया है और अब नए आयाम पैदा हो गए है।
मुशर्रफ ने कहा कि अब नए अंतरराज्यीय और धार्मिक संघर्ष अस्तित्व में आ गए हैं। मैं इन्हें इराक संघर्ष, लेबनान संघर्ष और अमेरिका-ईरान संघर्ष के रूप में देख रहा हूँ। ये सभी अमेरिका पर 11 सितंबर को हुए हमले के बाद अस्तित्व में आए।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद अब धार्मिक रंग ले चुका है। मुशर्रफ ने 1979-89 की अवधि का उल्लेख करते हुए भी कश्मीर का उल्लेख किया। इस अवधि में अफगान युद्ध में सोवियत संघ की हार हुई थी। बाद में सोवियत संघ बिखर गया। इसके साथ ही इस अवधि में शीत युद्ध की समाप्ति भी हुई।
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