चीनी मीडिया ने तिब्बत के निर्वासित आध्यात्मिक नेता दलाई लामा और उनके समर्थकों को मानवाधिकार विरोधी तथा अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नेंसी पेलोसी को तिब्बत पर बयानबाजी करने के कारण चीन में सबसे कम लोकप्रिय नेता करार दिया है।
चीन की सरकारी संवाद एजेंसी शिन्हुआ ने दलाई लामा की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि दलाई लामा की मानवाधिकार विरोधी सोच ने ही तिब्बत में आजादी समर्थक अलगाववादियों को चीन की एकता और अखंडता को चुनौती देने, चीन को दुनियाभर में बदनाम करने और ओलिंपिक मशाल को बुझाने के लिए चीन विरोधियों को हिंसक उपायों का सहारा लेने के लिए उकसाया है।
पेलोसी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए द पीपुल्स डेली ने लिखा है कि चीन में सबसे अलोकप्रिय नेता की दौड़ में उन्हें शीर्ष स्थान मिल सकता है।
तिब्बत के मठ से हथियार बरामद होने का दावा : चीन ने तिब्बत क्षेत्र के एक मठ से हथियार बरामद होने का दावा किया है। सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित रिपोर्ट के मुताबिक मठ में हथियारों की मौजूदगी के बारे में जनता से सूचना मिलने के बाद पुलिस की कार्रवाई में पिछले महीने सिचुआन प्रांत के अबा स्थित एक तिब्बती मठ से 30 हथियार मिले थे।
पुलिस अधिकारी लैन बो ने बताया कि वे सभी हथियार उसी जगह से बरामद हुए जहाँ भिक्षु अपने ग्रंथ रखते हैं। ये सभी हथियार सेमी ऑटोमैटिक थे।
टेलीविजन के कार्यक्रम में उक्त मठ का नाम गीयमडेंग बताया गया है। अबा के प्रशासनिक अधिकारी जिन ब्रिशेंग ने बताया कि उन हथियारों में कुछ फेरबदल किया गया था ताकि वे सेना के जवानों की ही भाँति गोलियाँ दाग सकें।
इससे पहले शनिवार को सरकारी मीडिया ने दावा किया था कि पुलिस ने तिब्बत की एक सरकारी इमारत में बम रखने की साजिश रचने वाले नौ भिक्षुओं को गिरफ्तार किया है।
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