भूटान की राजधानी के एक सिनेमाघर में सालभर केवल भूटानी भाषा की फिल्में प्रदर्शित की जाती हैं लेकिन इसके बावजूद बॉलीवुड की फिल्में भूटान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में कामयाब रहती हैं। यहाँ हिन्दी फिल्मों की सीडी और डीवीडी आसानी से मिल जाती है।
टैक्सी ड्राइवर उगेन पेंजांग ने कहा कि मैं हिन्दी फिल्में देखना पसंद करता हूँ। भारत में फिल्म के रिलीज होने दो दिनों के बाद हमें सीडी और वीसीडी की प्रति प्राप्त हो जाती है।
उन्होंने कहा कि सिनेमाघर में हिन्दी फिल्म हम नहीं देख पाते हैं क्योंकि वे बहुत कम प्रदर्शित की जाती हैं। गौरतलब है कि भूटान में केवल सात सिनेमाघर हैं। पेंजांग ने बताया अभी हाल में मैंने जोधा अकबर फिल्म देखी थी और वह अच्छी थी। मुझे ओम शांति ओम जैसी फिल्में भी अच्छी लगी।
उनके अनुसार हम भारतीय मनोरंजन चैनल और समाचार चैनल भी देखते हैं। मेरी पत्नी को सीरियल देखने का नशा है। वह स्टार प्लस, सोनी और जीटीवी पर आने वाले तकरीबन सभी सीरियल देखती हैं।
अधिकतर भूटानी घरों में शाम को जीवन थम-सा जाता है क्योंकि गृहणियाँ भारतीय चैनलों में प्रसारित होने वाले टेलीविजन सीरियल देखने में अपना तीन घंटे का समय देती हैं। भूटान में इस समय भारतीय चैनलों को प्रसारण की अनुमति रहती है।
सरकारी कार्यालय में काम करने वाली पेमा देकि का कहना है कि उन्हें हिन्दी फिल्में देखना पसंद है क्योंकि वे पारिवारिक मुद्दों को दिखाती हैं।
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