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नासा का चंद्रमा अभियान 2011 से
नासा 2011 के लिए एक अभियान की तैयारी कर रहा है। इसमें चंद्रमा के वातावरण के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी और उसकी सतह पर मिट्टी की प्रकृति का पता लगाया जाएगा।

नासा के अनुसार लूनर एटमोस्फियर एंड डस्ट एनवॉयरमेंट एक्सप्लोरर (एलएडीईई) चंद्र वातावरण एवं मृदा पर्यावरण खोज नामक इस अभियान का मकसद चंद्रमा के तल की नजदीकी परिस्थितियों के साथ चंद्रमा की मिट्टी पर पर्यावरण के प्रभाव के बारे में विस्तृत जानकारी एकत्र करना है।

नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार इस बारे में जानकारी मिलने पर यह जानने में मदद मिलेगी कि भविष्य की खोजों का चंद्रमा के पर्यावरण पर और वहाँ के पर्यावरण का भविष्य की खोजों पर कैसा असर होगा।

कैलिफोर्निया में नासा के एम्स शोध केंद्र के निदेशक एस.पेटे वार्डन ने कहा कि एलएडीईई का वैज्ञानिक अभियान कम खर्चीला है। इससे जल्दी और तेज अभियान हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि इस कदम से चंद्रमा के वातावरण को वैज्ञानिक नजरिए से देखा जा सकेगा। छोटे अंतरिक्ष यान भेजने से एलएडीईई की लागत करीब 8 करोड़ डॉलर होगी।

एम्स अभियान का प्रबंधन संभालेगा, यान बनाएगा और अभियान को अंजाम देगा। एलएडीईई चंद्रमा तक पहुँचने में चार माह का समय लेगा यह एक महीने तक परीक्षण करेगा और 100 दिन की वैज्ञानिक गतिविधियों की शुरूआत करेगा।
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