पकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने अपना विरोध कर रहे वकीलों से शांति बनाए रखने और अराजकता नहीं फैलाने की अपील की है।
मुशर्रफ ने चीन की पाँच दिवसीय यात्रा पर आज रवाना होने के पूर्व कहा कि वकीलों को सभ्य व्यवहार करना चाहिए, कानून व्यवस्था बनी रहनी चाहिए और देश में अराजकता का माहौल नहीं बनने देना चाहिए।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने लाहौर में उनके समर्थक नेता डॉ. शेर अफगान नियाजी के साथ किए गए दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कल कराची में हुए हिंसक संघर्ष को 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया।
उन्होंने कहा कि कल की घटना के पीछे जिनका भी हाथ था उनका मैं सख्त विरोध करता हूँ एक सभ्य समाज में ऐसा नहीं होना चाहिए।
चीन यात्रा के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में मुशर्रफ ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य चीनी नेताओं के साथ मिलकर चीन और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सबंधों को और मजबूत बनाने की संभावनाएँ तलाशना है।
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