अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश पर बीजिंग ओलिंपिक के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने का दबाव बढ़ता जा रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी का चुनाव लड़ रहे बराक ओबामा ने भी बुश से बीजिंग ओलिंपिक के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने की अपील की है।
ओबामा ने कहा कि चीन का मानवाधिकार के मामलों में रिकॉर्ड खराब है। इस बीच बुधवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि चीन को बीजिंग ओलिंपिक से पहले दलाई लामा से बातचीत करनी चाहिए।
अमेरिका में सबसे पहले हिलेरी क्लिंटन ने बीजिंग ओलिंपिक के बायकॉट की बात उठाई थी। सुश्री क्लिंटन ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री गार्डन ब्राउन के बीजिंग ओलिंपिक बायकॉट का समर्थन भी किया। सुश्री क्लिंटन ने ओबामा और रिपब्लिकन सांसद मैक्केन से भी अमेरिकी राष्ट्रपति पर दबाव बढ़ाने की अपील की है।
तिब्बत के मामले का असर अमेरिका के प्राइमरी चुनावों पर भी पड़ने लगा है। ओबामा ने कहा कि अगर चीन सरकार दारफूर और तिब्बत में लोगों का दमन नहीं रोक पाती तो अमेरिका को ओलिंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करना चाहिए।
उधर ओबामा ने बुश प्रशासन पर भी अपने हमले तेज करते हुए कहा कि चीन को लेकर अमेरिकी नीतियाँ लचर हैं। इस बीच चीन ने तिब्बत को लेकर अमेरिकी राजनीतिज्ञों की बयानबाजी की कड़ी निंदा शुरू कर दी है।
विरोध पर बरसा चीन : चीन ने अमेरिका में बीजिंग ओलिंपिक मशाल दौड़ को बाधित करने की कोशिश की कड़ी निन्दा की है। अमेरिका में चीन के राजदूत जोऊ वेनझोंग ने समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' से कहा कि कुछ लोगों ने ओलिंपिक की मूल भावना की अनदेखी करते हुए बीजिंग ओलिंपिक खेलों को बाधित करने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि चीन की छवि धूमिल करने की कोशिशों की विश्वभर में निन्दा की जा रही है और इन प्रयासों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
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