अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें चीन से तिब्बत में अहिंसक प्रदर्शनों के खिलाफ हिंसा के इस्तेमाल को रोकने, प्रदर्शनकारियों की रिहाई और तिब्बत क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों तथा पत्रकारों को बेरोकटोक जाने देने की मंजूरी देने की माँग की गई।
सदन स्पीकर नैंसी पेलोसी द्वारा प्रायोजित इस प्रस्ताव को एक के मुकाबले 413 मतों से स्वीकार कर लिया गया।
प्रस्ताव में तिब्बत में दिन-प्रतिदिन बिगड़ रहे हालात और तिब्बतियों की धार्मिक, सांस्कृतिक और भाषाई पहचान को लेकर पैदा हुए संकट पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
स्पीकर पेलोसी ने कहा कि चीन की यह जिद अपमानजनक है कि ओलिंपिक मशाल हर हाल में तिब्बत होकर जाएगी। उन्होंने कहा कि तिब्बत में जो कुछ भी घटित हो रहा है, विश्व समुदाय को उसकी इजाजत नहीं देना चाहिए।
ऐसा ही एक प्रस्ताव सीनेट में भी लाया गया, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया कि भविष्य में अमेरिका में चीन के राजनयिक अभियानों की संख्या बढ़ाए जाने के बदले अमेरिका को तिब्बत की राजधानी ल्हासा में अपना कार्यालय खोलने की अनुमति मिलनी चाहिए।
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