मैक्सिको की पत्रकार लिडिया केचो रिबेरियो को यूनेस्को का विश्व प्रेस स्वतंत्रता पुरस्कार दिया जाएगा।
केचो को यह पुरस्कार राजनीतिक भ्रष्टाचार और संगठित अपराध का खुलासा करने के लिए दिया जा रहा है। यूनेस्को के एक वक्तव्य के मुताबिक खोजी पत्रकारिता के जरिये उन्होंने वेश्यावृत्ति और बच्चों के अश्लील साहित्य के व्यवसायियों, राजनेताओं और नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के संबंधों का खुलासा किया है। केचो ने कानूनी लड़ाई और जान से मारने की धमकियाँ मिलने के बाद भी अपना काम जारी रखा। वे पुलिस के उत्पीड़न की शिकार भी रहीं।
कैरेबियन शहर के कानकून की रहने वाली पेशे से स्वतंत्र पत्रकार केचो का जन्म वर्ष 1963 में हुआ था। उन्होंने दैनिक अखबार ला वोज डेल केरिबे में अपना योगदान दिया।
यूनेस्को के पत्रकार और संपादकों के निर्णायक मंडल के अध्यक्ष जोए थ्लोलोए ने कहा कि विरोधी माहौल से परिचित रहने के बाद भी यह पत्रकार पाठकों, श्रोताओं और दर्शकों तक जानकारी पहुँचाती रहीं।
विश्व में प्रेस की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में भी केचो का योगदान है। केचो को 25 हजार अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा।
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