प्रतिबंधित तमिल संगठन लिट्टे के आत्मसमर्पण कर चुके एक सक्रिय सदस्य ने कहा है कि संगठन प्रमुख प्रभाकरण नियमित रूप से तमिल टाइगर्स के प्रशिक्षण शिविरों में हिस्सा लेते हैं और व्यक्तिगत रूप से कार्यक्रमों की देखरेख करते हैं।
जाफना स्थित लिट्टे के पूर्व कब्जे वाली किलेबंद इमारत के दौरे पर आए पत्रकारों के एक दल को लिट्टे के आत्मसमर्पण कर चुके एक सक्रिय सदस्य अरुमुगम (परिवर्तित नाम) ने बताया कि प्रभाकरण नियमित रूप से प्रशिक्षण शिविरों में आते हैं और कार्यक्रमों की निगरानी करते हैं। अरुमुगम ने पत्रकारों को बताया कि मैंने कम से कम छह साल तक लिट्टे के लिए काम किया। मुझे ब्लेक सी. टाइगर की श्रेणी में रखा जाता था।
लिट्टे के पूर्व बागी ने कहा कि संगठन छोड़ने के एवज में वह लिट्टे के निशाने पर है। अरुमुगम ने कहा कि मैं पहले ही अपने पैर का एक हिस्सा खो चुका हूँ। अपनी चोटों के निशान बताते हुए अरुमुगम ने कहा कि ये चोट उसे श्रीलंका के सुरक्षा बलों से मुठभेड़ के दौरान आईं।
|