पिछली सदी में लोहे और तमाम चीजों का विकल्प बना प्लास्टिक इस सदी में अभिशाप के रूप में नजर आ रहा है। ब्रिटेन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में सरकार और कंपनियाँ प्लास्टिक की थैलियों के खिलाफ खड़ी नजर आ रही है।
भारत में भी कुछ शहरों में पॉलीथिन की थैलियाँ प्रतिबंधित की गई हैं। मुंबई में जुलाई 2005 की बरसात बाद हुई विभीषिका प्लास्टिक की थैलियों की ही देन थी।
2003 में आयरलैंड में पॉलीथिन की थैलियों पर भारी-भरकम शुल्क वसूला जा रहा है। वहाँ पर पॉलीथिन तेजी से हटाया जा रहा है और कपड़े की थैलियों का प्रयोग किया जा रहा है। इसके अलावा इटली और बेल्जियम में भी इस पर भारी कर वसूला जा रहा है।
इसके अलावा जर्मनी, स्विट्जरलैंड, हॉलैंड, स्पेन, नॉर्वे और ब्रिटेन में भी इन पर खासा कर वसूला जा रहा है। जिस तरह से ब्रिटेन में प्लास्टिक की थैलियों के खिलाफ राजनीतिक रूप से कमर कसी जा चुकी है, उस तरह का प्रयोग ऑस्ट्रेलिया में पहले ही हो चुका है।
दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के प्रांत प्रमुख श्री माइक रेन का कहना है कि कई कारणों से इसे प्रतिबंधित किया गया है। इसमें कई ग्रीनहाउस गैसें होती हैं। इसके अलावा ये ड्रेनेज सिस्टम को खराब करती हैं और वन्यजीवों की जान ले सकती हैं।
इस साल जनवरी माह में चीन में प्लास्टिक की थैलियों को प्रतिबंधित किया गया था। चीन का मानना है कि इससे प्रदूषण ज्यादा होता है। इसके अलावा प्लास्टिक के दूसरे उत्पादों पर भी कर लगाया गया है।
ढाका और मुंबई में प्रतिबंध पहले से है, जबकि ताईवान में इस पर कर लगाया जाता है। दक्षिण अफ्रीका में 2003 में प्रतिबंध लग चुका है, जबकि केन्या, यूगांडा, एरिट्रिया, तंजानिया, सोमालिया, रवांडा आदि में भी इसका उपयोग प्रतिबंधित है।
अमेरिका के सेनफ्रांसिस्को, ऑकलैंड, कैलिफोर्निया आदि में नष्ट हो जाने वाली थैलियाँ प्रयुक्त की जाती हैं। इसके अलावा प्रांत में दूसरे स्थानों पर रिसाइकल की जाने वाली थैलियाँ काम में लेते हैं।
अमेरिका की स्टोर्स चेन होल फूड्स मार्केट का कहना है कि प्लास्टिक के खिलाफ राजनीतिक इच्छाशक्ति का उन्हें इंतजार है। इसने हाल ही में अपने समस्त स्टोर्स से प्लास्टिक बैग हटाने की घोषणा की है।
इस कंपनी का कहना है कि 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस तक अपने यहाँ से सारी प्लास्टिक बैग खत्म कर देगा। इसके प्रवक्ता एशले हॉकिंस के मुताबिक हम रियूजेबल बैग का इस्तेमाल करने का प्रयास कर रहे हैं। (नईदुनिया)
|