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मुशर्रफ के हटते ही पाक पर हमला!
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का मानना है कि यदि वे पद से हट जाएँगे तो अमेरिका देश के अशांत कबीलाई इलाकों में सैन्य हमला कर देगा तथा कुख्यात परमाणु वैज्ञानिक एक्यू खान की प्रसार गतिविधियों के बारे में जानने के लिए उन्हें पकड़ लेगा।

दैनिक डान ने सरकारी सूत्रों के हवाले से सोमवार को प्रकाशित एक खबर में कहा कि राष्ट्रपति का यह भी मानना है कि यदि वे परिदृश्य से हटते हैं तो बलूचिस्तान में ग्वादर जलपत्तन परियोजना प्रभावित होगी। परिणामस्वरूप पाकिस्तान के चीन के साथ दीर्घकाल से चले आ रहे मधुर संबंधों को भी आघात लग सकता है।

उन्होंने कहा कि मुशर्रफ का यह भी मानना है कि कोई भी नेता या पार्टी मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट के साथ बेहतर संबंध कायम नहीं रख पाएगी।

सूत्रों ने कहा कि इन नकारात्मक परिणामों के कारण राष्ट्रपति का पद छोड़ने का कोई इरादा नहीं है। मुशर्रफ पाँच वर्ष के कार्यकाल के लिए पिछले साल निर्वाचित हुए थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का पद पर बने रहने का निर्णय स्वयं उनकी वजह से नहीं बल्कि राष्ट्रीय हितों के कारण है।

मीडिया रिपोर्ट में आगे कहा गया कि मुशर्रफ के कारण ही खान अमेरिका के हाथों में नहीं आ पा रहा है। परमाणु प्रौद्‍योगिकी के प्रसार की बात स्वीकार किए जाने के बाद पिछले चार सालों से खान को नजरबंद रखा गया है।

पाकिस्तान ने अभी तक अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊजा एजेंसी (आईएईए) और अमेरिकी अधिकारियों को खान से संपर्क करने की इजाजत नहीं दी है।

सूत्रों ने कहा कि अमेरिका पूछताछ के लिए खान से लगातार संपर्क का प्रयास कर रहा है, लेकिन मुशर्रफ ने इस मामले में सभी दबावों को झेलने के बावजूद परमाणु वैज्ञानिक को अभी तक उनके घर में हिफाजत से रखने में कामयाबी पाई है।

उन्होंने दावा किया कि मुशर्रफ के अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के साथ मजबूत निजी संबंधों के कारण ही अमेरिका ने पाकिस्तान के कबीलाई इलाकों पर अभी तक हमला नहीं किया है। इन्हीं इलाकों को अमेरिका तालिबान और अलकायदा तत्वों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बता चुका है।
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