भारतीय मूल के विवादास्पद लेखक सलमान रुश्दी ने कहा कि करीब 18 साल पहले इस उम्मीद में उन्होंने इस्लाम ग्रहण करने का बहाना किया था कि इससे उनकी जान पर खतरा कम हो जाएगा।
चैनल मोर-4 पर आगामी मई में प्रसारण के लिए तैयार किए जा रहे एक टीवी कार्यक्रम में दिए एक साक्षात्कार में रुश्दी ने दावा किया कि उनका अपने जन्म के धर्म को फिर से स्वीकार करना एक बहाना भर था।
रुश्दी के साक्षात्कार को द संडे टाइम्स के हवाले से बताया गया यह विक्षिप्त कर देने वाली सोच थी। मैं उस समय जितना असंतुलित था, उतना पहले कभी भी नहीं था, लेकिन मेरे ऊपर जितना दबाव था, उसकी आप कल्पना नहीं कर सकते।
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