इराक में एक नाटकीय घटनाक्रम में प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने शिया उग्रवादियों के खिलाफ पूरे देश में हमले रोक देने का आदेश जारी किया है। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री ने राजधानी बगदाद में उनके खिलाफ हमला तेज करने के लिए कहा था। अमेरिका विरोधी मुल्ला मुक्तदा अल सद्र ने संकेत दिया था कि अगर इराकी सेना उसके समर्थकों को लगातार गिरफ्तार करती रही तो बदला लिया जाएगा। अल सद्र की इस धमकी के बाद इराकी प्रधानमंत्री ने यह आदेश जारी किया है।
बसरा और अन्य स्थानों पर इराकी सैनिकों के साथ अल सद्र की मेहदी आर्मी मिलिशिया की झड़प हुई थी। इराकी प्रधानमंत्री नूरी अल मालिकी के कार्यालय से इस संबंध में जारी बयान में सीधे तौर पर मेहदी आर्मी का नाम शामिल नहीं है। हमले को कब तक रोका जाना है, इसके बारे में भी इस बयान में उल्लेख नहीं है। इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री के इस कदम से ऐसे लोगों को एक मौका दिया गया है जो पश्चाताप करना तथा अपना हथियार डालना चाहते हैं। इराकी प्रधानमंत्री के कार्यालय से जारी यह बयान सरकारी टीवी पर प्रसारित हुआ है।
नूरी अल मलिकी ने कहा था कि मेहदी आर्मी की मजबूत पकड़ वाले बगदाद तथा सद्र सिटी पर सुरक्षा अभियान चलाने का उनका मकसद है। मलिकी ने अपने इस बयान के 24 घंटे से भी कम समय में हमला रोकने का यह दूसरा आदेश जारी कर दिया है।
इराकी प्रधानमंत्री के एक शीर्ष सलाहकार सादिक अल रिकाबी ने बताया कि किसी भी समस्या का सैन्य हल संभव नहीं है। इन समस्याओं का राजनीतिक हल भी हो सकता है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री ने आज यह बयान जारी किया है।
अल रिबाकी ने बिना खुलासा किए कहा हमें शांति चाहिए। कई राजनीतिज्ञों ने प्रधानमंत्री को संघर्ष के खिलाफ आगाह किया और उन्हें यह भी बताया कि इन झड़पों का फायदा अन्य दलों को मिलेगा।
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