अमेरिका ने चेतावनी दी है कि अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन अल कायदा परमाणु हथियारों का जखीरा एकत्र नहीं करना चाहता, बल्कि उसे इस्तेमाल करना चाहता है। इंटेलिजेंस एंड एनालिसिस विभाग के उपमंत्री चार्ल्स ऐलन ने कांग्रेस में सांसदों को बताया कि 11 सितंबर के हमलों के बाद अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ मिली सफलता से हमें काफी सूचनाएँ भी मिली हैं, जिन्होंने अल कायदा के परमाणु कार्यक्रम के बारे में हमारे विचारों को पूरी तरह बदल दिया है।
हमें पता चला है कि अल कायदा इस्तेमाल के लिए परमाणु हथियार चाहता है न कि उन्हें संग्रहित करने के लिए। उन्होंने कहा अल कायदा की योजना और सोच काफी नाटकीय होती है और वे कभी सीधे नहीं चलते। इसी प्रकार हमें भी अपनी प्रतिक्रिया में लचीलापन और सक्रियता लाने की जरूरत है। ऐलन ने चेतावनी दी कि अल कायदा का परमाणु हमला अन्य योजनाओं की तरह अभी योजना के चरण में हो सकता है और केवल आतंकवादी संगठन का केवल शीर्ष नेतृत्व ही इस बात को जानता है कि किस योजना को मंजूरी मिलेगी। उन्होंने कहा 11 सितंबर के आतंकवादी हमले में खालिद शेख मोहम्मद के प्रबंधन ढाँचे को देखते हुए हो सकता है कि परमाणु हमले के लिए केवल किसी एक ही व्यक्ति को सामग्री तथा विशेषज्ञता हासिल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई हो।
|