पाकिस्तान के उत्तर पश्चिमी सीमा क्षेत्र में एक निर्माणाधीन बाँध स्थल से भगवान बुद्ध की करीब एक हजार प्रतिमाएँ और बौद्धकालीन कलाकृतियाँ मिली हैं।
सूत्रों के हवाले से दी गई एक खबर के अनुसार पाकिस्तान के पुरातत्व विभाग का मानना है कि मुख्य जलाशय पर काम शुरू होने के बाद और भी दुर्लभ कलाकृतियाँ मिल सकती हैं। फिलहाल सिंधु नदी पर बन रहे डैमेर भाषा बाँध से पत्थर की बनी करीब। 1000 से 1500 विभिन्न कलाकृतियाँ मिली हैं। उत्तरी क्षेत्र के पुरातत्व विभाग ने बौद्ध कालीन कलाकृतियाँ प्राप्त होने की पुष्टि की है। विभाग के सचिव सनाउल्लाह के अनुसार बाँध के निर्माण स्थल के 135 किमी के दायरे में करीब 30000 महत्वपूर्ण तथा अनमोल कलाकृतियाँ व प्रतिमाएँ हो सकती हैं। जल व ऊर्जा विकास प्राधिकरण के परियोजना निदेशक तारिक मसूद ने भी कलाकृतियाँ मिलने की पुष्टि की है। उत्तरी क्षेत्र प्रशासन और संघीय सरकार को इस खोज की जानकारी है पर इस बहुमूल्य खजाने को सुरक्षित रखने के प्रयास नाकाफी हैं। परियोजना पर काम कर रही जर्मनी की एक कंपनी ने इन कलाकृतियों को सुरक्षित रखने के लिए एक संग्रहालय स्थापित करने की अनुशंसा की है।
सिंधु नदी पर डैमेर भाषा बांध को हिन्दु कुश और हिमालय की श्रेणियों के मिलाप स्थल पर बनाया जा रहा है। यहाँ पर पानी को संग्रहित कर 4500 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा।
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