एक ब्रिटिश अभियोजक के अनुसार सात विमानों को बोतल बमों से उड़ाने के लिए आतंकवादियों ने एक योजना बना रखी थी और इसको अंजाम देने की तैयारी भी पूरी कर ली थी। इससे कई नागरिकों की जान जा सकती थी।
एक अदालत को दी गई जानकारी में बताया गया कि आठ ब्रिटिश युवकों पर लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे से अमेरिका और कनाडा के लिए उड़ान भरने वाले विमानों पर हमले की योजना बनाने का आरोप है।
सरकारी वकील पीटर राइट ने वुलविच क्राउन अदालत को कल बताया कि इस आतंकवादी घटना का असर पूरी दुनिया में होता। राइट ने कहा कि ये लोग इस्लाम के नाम पर समन्वित और घातक बम विस्फोटों को अंजाम देने वाले थे जिनसे बड़ा नरसंहार हो सकता था।
कथित रूप से जिन सात विमानों पर हमले की योजना थी उनमें 241 से 285 यात्रियों के होने की संभावना थी। इन सभी विमानों ने एक-दूसरे से लगभग ढाई घंटे के अंतराल पर हीथ्रो से उड़ान भरी।
हमले की कोशिश की शुरुआत में ही सुरक्षाकर्मियों ने आठों को पकड़ लिया। इनमें सात लंदन के थे। इन सभी ने किसी भी विमान की सुरक्षा में सेंध लगाकर हत्या और हिंसा की किसी भी वारदात से इनकार किया है।
इनके नाम अब्दुल्ला अहमद, अली असद सरवर, तनवीर हुसैन और इब्राहीम सावंत (सभी 27 साल), मोहम्मद गुलजार और अराफात वहीद खान (दोनों 26 साल), वहीद जमाँ (23) और उमर इस्लाम (29) हैं। अली सरवर और गुलजार इनके सरगना थे।
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