फ्रांस ने वर्ष 2007 में 89 इस्लामी उग्रपंथियों को पकड़ा और बड़े खतरे की आशंका को देखते हुए 25 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया।
गृहमंत्री मिशेल एलियट मारी ने पकड़े गए लोगों के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी, लेकिन जोर देकर कहा कि फ्रांस आतंकवादियों का प्रमुख निशाना बना हुआ है। मिशेल ने कल एलसीआई टेलीविजन पर कहा कि आतंकवाद का यह खतरा पिछले कई वर्षों से बना हुआ है और हम चाहे कुछ भी करते रहें, यह बना रहेगा।
उन्होंने कहा कि फ्रांस पर अन्य बड़े पश्चिमी देशों के मुकाबले आतंकी खतरा न कम है न ज्यादा। उन्होंने इस बात को कोरी कल्पना बताया कि अगर अफगानिस्तान में फ्रांस के सैनिक न होते तो उस पर आतंकी हमले का खतरा कम होता।
मंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान में इस समय फ्रांस के 2200 सैनिक हैं और जल्द ही इनमें तकरीबन एक हजार सैनिकों की वृद्धि होगी। फ्रांस के राष्ट्रपति इस सप्ताह बाद में रोमानिया में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान फ्रांस के सैनिकों की संख्या में वृद्धि के बारे में संभवत: औपचारिक तौर पर घोषणा करेंगे।
मिशेल ने बताया कि फ्रांस आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष के लिए एक आधुनिकतम तंत्र का निर्माण कर रहा है। फ्रांस 1990 के दशक में इस्लामी आतंकी हमलों का शिकार बना था और उसकी आतंकवाद निरोधक पुलिस तथा न्यायाधीशों को आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में व्यापक शक्तियाँ प्राप्त हैं।
हालाँकि फ्रांस ने इराक पर 2003 में हुए अमेरिकी हमले का विरोध किया था, लेकिन वह खुद को आतंकवादियों के निशाने पर मानता है।
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