नजरबंदी से रिहाई के एक सप्ताह बाद पाकिस्तान के अपदस्थ सर्वोच्च न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी ने मंगलवार को कहा कि वे अब भी स्वयं को मुख्य न्यायाधीश मानते हैं और संसद के जनादेश का सम्मान कर रहे हैं। अपने गृह नगर क्वेटा में वकीलों के सम्मेलन में चौधरी ने कहा कि संविधान के मुताबिक मैं अभी भी सर्वोच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश हूँ और कोई भी मुझे अपने कर्तव्य निर्वहन से नहीं रोक सकता।
देश में 18 फरवरी को हुए आम चुनावों को अवाम की खामोश क्रांति बताते हुए उन्होंने कहा कि जिस मंजिल को हासिल करने के लिए वकील समुदाय ने संघर्ष की राह अपनाई थी, वह अब अधिक दूर नहीं है।
जियो न्यूज ऑनलाइन के मुताबिक चौधरी ने कहा कि देश की अवाम ने खामोश क्रांति के जरिये अपना जनादेश दिया है कि कानून और न्याय सभी के लिए है। खामोश क्रांति ने देश की राजनीतिक संस्कृति को पूरी तरह से बदल दिया है।
ब्लूचिस्तान प्रांत के गृह नगर क्वेटा में चौधरी का कल सैकड़ों वकीलों ने स्वागत किया। परवेज मुशर्रफ द्वारा पिछले वर्ष बर्खास्त किए गए न्यायाधीशों को पुन: बहाल करने के लिए चौधरी ने देशभर में मुहिम छेड़ी थी।
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