चीन ने तिब्बती बौद्धों के धर्मगुरू दलाई लामा के इस आरोप को बकवास करार दिया कि तिब्बत की हाल की हिंसा में चीन का हाथ हो सकता है। चीन ने दलाई लामा पर आरोप लगाया कि तिब्बती धार्मिक नेता अफवाहों और धोखेबाजी का उपयोग कर दूसरों पर आरोप मढ़ना चाहते हैं।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जियांग यू ने कहा कि दलाई लामा सुनी-सुनाई अफवाहों की हवाला दे रहे हैं उससे घटना की सच्चाई नहीं बदल सकती। यह बस उनके दिल की गहराइयों में मौजूद उनके अपराधबोध को दिखाता है। इसलिए वह अफवाहों और धोखेबाजी से दूसरे के मत्थे मढ़ना चाहते हैं।
चीन ने तिब्बत की हिंसक घटनाओं के लिए दलाई लामा को सरगना बताया था। इस पर तिब्बती धर्मगुरू ने शनिवार को नई दिल्ली में कहा था हमने सुना है कि कई सौ चीनियों ने भिक्षुकों का वस्त्र धारण किया था।
भारत में निर्वासित जीवन बिता रहे नोबल पुरस्कार से सम्मानित बौद्ध धर्मगुरू ने कहा था वे (चीनी सैनिक) भिक्षुकों की तरह कपड़े पहने थे। इसलिए साधारण लोगों के लिए वह भिक्षुक की तरह लग रहे थे, लेकिन उनके पास जो तलवारें थीं, वे तिब्बती नहीं थी। वे चीनी तलवारें थी।
जिआंग के हवाले से शिन्हुआ संवाद समिति ने कहा है ल्हासा में हुई हिंसक वारदात का सच सबके सामने है। इसे सबने देखा है और पुख्ता साक्ष्यों से इसकी पुष्टि हो चुकी है। इसे नकारा नहीं जा सकता है।
गौरतलब है कि ल्हासा में भिक्षुकों की अगुवाई में चीन सरकार के खिलाफ सर्वाधिक उग्र प्रदर्शन के दौरान कम से कम 20 लोग मारे गए।
|